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कांग्रेस से हाथ मिलाने पर बोली JDS, पहले सिद्धरमैया छोड़ें अपना पद

ऐसा माना जा रहा है कि कर्नाटक में किसी भी पार्टी को कुर्सी तक पहुंचने के लिए जेडीएस की सीढ़ी लगानी ही होगी

Updated On: May 13, 2018 06:03 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस से हाथ मिलाने पर बोली JDS, पहले सिद्धरमैया छोड़ें अपना पद

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग पूरी हो चुकी है. वहीं एग्जिट पोल्स में त्रिशंकु विधानसभा के आसार के बाद वहां सरकार गठन को लेकर असमंजस बरकरार है. यहां कांग्रेस फिर से अपनी सरकार बनाने के दावे कर रही है, तो वहीं बीजेपी भी इसमें पीछे नहीं है.

एग्जिट पोल के नतीजों की मानें तो ज्यादातर में कांग्रेस या बीजेपी में से कोई भी पार्टी जादुई आंकड़े पार करती नहीं दिख रही. वहीं जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) को किंगमेकर बताया जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि कर्नाटक में किसी भी पार्टी को कुर्सी तक पहुंचने के लिए जेडीएस की सीढ़ी लगानी ही होगी.

कर्नाटक चुनाव में किंगमेकर मानी जा रही जेडीएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता तनवीर अहमद ने खास बातचीत में पार्टी के गठबंधन को लेकर कई सवालों के जवाब दिए. पढ़ें...

एग्जिट पोल भी त्रिशंकु विधानसभा दिखा रहे हैं. आपको क्या लगता है?

-देखिए पहले दिन से लग रहा था कि यहां त्रिशंकु विधानसभा होगी. हमारी स्थिति बड़ी अच्छी रहेगी. हमारे बिना या हमारे अलावा कोई सरकार नहीं बना पाएगा.

जेडीएस के लिए बीजेपी या कांग्रेस में से किसे अपना मित्र बनाना आसान रहेगा?

-दोस्त कौन होगा, इससे पहले हमें देखना होगा कि कर्नाटक के लिए बुरा कौन होगा. 15 मई को 12 बजे आपको अच्छी खबर मिलेगी.

सिद्धरमैया ने कांग्रेस के कैंपेन का नेतृत्व किया, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं, क्या ये आपकी तरफ दोस्ती का संकेत है?

-सिद्धरमैया जी की बातें वही जाने. दिन में एक बात बोलते हैं और रात में कुछ और, लेकिन अगर ऐसा बोला है तो उन्हें पता चल गया है कि कांग्रेस के हारने में उनकी भूमिका है. हम बिल्कुल इस पर विचार विमर्श करेंगे. सिद्धरमैया के कैंपेन में अतिउत्साह था. वे सहीं हैं, उनको पद छोड़ देना चाहिए.

बिना सिद्धरमैया के कांग्रेस का जेडीएस से दोस्ती करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा?

-फायदेमंद रहेगा या नहीं, ये तो नहीं मालूम लेकिन कर्नाटक के लिए जरूर फायदेमंद रहेगा. कर्नाटक की जनता ऐसा शख्स चाहती है जो आकर विकास करे. यह कर्नाटक के लिए बिल्कुल अच्छा रहेगा.

अगर जेडीएस के बिना सरकार नहीं बनेगी तो क्या कुमारस्वामी मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं?

-देखिए जिस व्यक्ति के 20 महीने के कार्यकाल को सबसे अच्छा बताया जाता है. जिसपर स्कूल, शिक्षा, भ्रष्टाचार का एक भी केस नहीं है तो कुमारस्वामी क्यों नहीं. कर्नाटक की जनता भी तो यही चाहती है.

(विक्रांत यादव की न्यूज के लिए रिपोर्ट)

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