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कर्नाटकः राज्य में बंद के बीच परिवर्तन रैली में शामिल होंगे अमित शाह

गोवा और कर्नाटक में महादायी नदी पानी विवाद को सुलझाने में केंद्र की बेरुखी के बाद ही वहां के संगठनों ने अमित शाह के रैली के दिन ही बंद बुलाया है

FP Staff Updated On: Jan 25, 2018 11:50 AM IST

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कर्नाटकः राज्य में बंद के बीच परिवर्तन रैली में शामिल होंगे अमित शाह

कर्नाटक और गोवा के बीच अंतर्राज्यीय महादायी नदी पानी विवाद को लेकर कर्नाटक में कई कन्नड समर्थित संगठनों ने गुरुवार को 12 घंटे का बंद बुलाया है. बंद का असर राज्य पर पूरी तरह दिख भी रहा है. इस बंद के बीच ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह परिवर्तन रैली में हिस्सा लेने के लिए कर्नाटक पहुंच रहे हैं.

25 जनवरी को अमित शाह की रैली है और प्रधानमंत्री मोदी भी 4 फरवरी को राज्य में रैली करेंगे. इसी साल यहां विधानसभा चुनाव होने वाला है. चुनाव से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस यहां पर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुट गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी 10 फरवरी को राज्य का दौरा प्रस्तावित है.

गुरुवार को राज्य में बंद सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक चलेगा. यह बंद चालावटी वाट पक्षाध्यक्ष के नाट वटल नागराज के नेतृत्व में बुलाया गया है. इसमें कई स्थानिय संस्थाओं के साथ-साथ टैक्सी और ऑटो यूनियन भी शामिल हैं.

बंद को ध्यान में रखकर आईटी कंपनी विप्रो के अधिकारियों ने प्रेस से बताया कि विप्रो लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों 25 जनवरी को छुट्टी दी है. सरकार द्वारा संचालित बेंगलुरु मेट्रोपोलिटन कॉरपोरेशन और कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन चालू रहेंगे, लेकिन रैली में कुछ हिंसक गतिविधियां होने की आशंका रहती है, इसलिए अधिकारी इस पर पुर्नविचार करेंगे.

बंद को देखते हुए राजधानी बेंगलुरु में बस सेवाओं को बंद कर दिया गया है. आशंका है कि बंद में शामिल लोग बसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसीलिए यह कदम उठाया गया है.

जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी की रैली है यानी 4 फरवरी को उस दिन भी इन संगठनों ने बंद का आह्वाहन किया है. बेंगलुरू में इस हड़ताल का मकसद पड़ोसी राज्य गोवा के साथ लंबे समय से चले आ रहे महादयी नदी जल विवाद में दखल देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बनाना है.

लोगों का कहना है कि इस बंद का आयोजन केंद्र सरकार के विरोध में इसलिए कराया जा रहा है, क्योंकि गोवा के साथ महादयी नदी जल विवाद को सुलझाने में केंद्र सरकार रुचि नहीं ले रही है. इसी के चलते 25 जनवरी और 4 फरवरी दोनों दिन कन्नड़ के कई संगठनों ने बंद का ऐलान किया है.

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के आगमन के विरोध में पूर्व विधायक और चालावली वाटल पक्षाध्यक्ष (केसीवीपी) के नेता वटल नागराज की अगुवाई में कन्नड़ के कई संगठन हिस्सा लेंगे.

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