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कर्नाटक चुनाव: बीजेपी से 'अस्मिता बचाओ' दांव सीखकर उसी पर आजमा रही है कांग्रेस

कांग्रेस को लग रहा है कि बीजेपी जिस तरह गुजराती अस्मिता का मुद्दा उछालकर राजनीतिक फायदा उठाती रही है, उस तरह ही कांग्रेस कर्नाटक की अस्मिता का मुद्दा बनाकर बीजेपी को मात दे सकती है

Updated On: May 05, 2018 12:50 PM IST

Syed Mojiz Imam
स्वतंत्र पत्रकार

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कर्नाटक चुनाव: बीजेपी से 'अस्मिता बचाओ' दांव सीखकर उसी पर आजमा रही है कांग्रेस

कर्नाटक के चुनाव में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं लेकिन बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग बढ़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है. कांग्रेस के नेता राहुल गांधी कभी गब्बर सिंह टैक्स की बात करते हैं. तो कभी बेल्लारी बंधुओं की आड़ में बीजेपी को करप्शन के साथ वाली पार्टी बता रहे हैं. लेकिन कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ कर्नाटक की अस्मिता का सवाल उठा दिया है. जिस तरह बीजेपी गुजरात में गुजरात की अस्मिता का सवाल उठाती रही है और इसका फायदा बीजेपी को मिलता रहा है.

गार्बेज सिटी कहने पर बवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक सरकार पर बेंगलुरु को 'गार्बेज सिटी' बनाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाने के लिए बीजेपी को आड़े हाथ लिया है. कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कर्नाटक के चुनाव नजदीक आने से बीजेपी में भय और बौखलाहट बढ़ती जा रही है. प्रधानमंत्री की ओर से जनरल करियप्पा और जनरल थिमैया बारे में की गई बात से साबित हुआ है कि प्रधानमंत्री के इतिहास का ज्ञान बहुत सीमित है. जाहिर है कि कांग्रेस को लग रहा है कि अस्मिता का बड़ा मुद्दा मिल गया है.

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु को गार्बेज सिटी कहा था. इसके अलावा उन्होंने वैली ऑफ सिन की संज्ञा भी दी थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि सिलिकॉन वैली को ये नाम दिलाने वाले कर्नाटक के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं. अब कांग्रेस कह रही है कि बेंगलुरु सिलिकॉन वैली है. इसके अलावा इसे गार्डेन का शहर कहा जाता है. लेकिन प्रधानमंत्री ने जान-बूझकर इस शहर को और कर्नाटक को अपमानित किया है. कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है.

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कांग्रेस को लग रहा है कि बीजेपी जिस तरह गुजराती अस्मिता का मुद्दा उछालकर राजनीतिक फायदा उठाती रही है, उस तरह ही कांग्रेस कर्नाटक की अस्मिता का मुद्दा बनाकर बीजेपी को मात दे सकती है. कांग्रेस के नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है कि बीजेपी बेंगलुरु को बदनाम करने की साजिश रच रही है. यही नहीं इस शहर के संस्थापक केम्पेगौड़ा को भी बीजेपी अपमानित कर रही है क्योंकि बीजेपी को मालूम नहीं है कि कैम्पेगौड़ा की कर्नाटक में क्या इज्ज़त है. जबकि बेंगलुरु का डेवलेपमेंट मॉडल अहमदाबाद से अच्छा है.

rahul gandhi in karnataka

कांग्रेस का बेंगलुरु मॉडल क्या है?

कांग्रेस के मुताबिक बेंगलुरु को केम्पेगौड़ा ने बसाया था. टीपू सुल्तान ने यहां से सिल्क की खेती शुरू कराई और बाद में ट्रेड. पहले ये सिल्क सिटी बना, उसके बाद साइंस सिटी क्योंकि 1907 में इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस की स्थापना हुई. सर सीवी रमन को 1937 में नोबेल पुरस्कार दिया गया था. फिर यहां कांग्रेस के राज में एचएएल से बीएचईल के कारखाने लगाए गए. फिर इस शहर को मिल्क सिटी का दर्जा मिला और बाद मे सिलिकॉन सिटी का, जिसकी वजह से इसका पूरी दुनिया में नाम है. आज बेंगलुरु से रोजाना दिल्ली के लिए 100 उड़ानें हैं. यहां देश का तीसरा बड़ा हवाई अड्डा भी है, जबकि अहमदाबाद इससे काफी पीछे है.

कैसे बना बेंगलुरु गार्बेज सिटी?

बैंगलुरु शहर कभी गार्डेन सिटी था. लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक शहर में आबादी बढ़ने की वजह से गार्बेज भी बढ़ रहा है, जिसे ठीक से मैनेज नहीं किया जा सका है. बेंगलुरु में साल 2000 में सिर्फ 200 टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता था. लेकिन 2015 में ये बढ़कर 3700 टन प्रतिदिन हो गया है. दो साल में इसकी तादाद और बढ़ गई है. 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक 50 फीसदी ही वेस्ट मैनेजमेंट किया जा रहा है. 40 फीसदी वेस्ट वो है जो पैकेजिंग से निकल रहा है, जबकि 5 फीसदी गार्बेज इलेक्ट्रानिक वेस्ट है. जाहिर है कि इस तरह के कचरे को मैनेज करने के लिए सरकार के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है. प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु के इस मुद्दे को समझा है और चुनावी मुद्दे में तब्दील कर दिया है.

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सिद्धारमैया पर प्रधानमंत्री के प्रहार से कांग्रेस में हलचल

प्रधानमंत्री कर्नाटक में ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री उनके निशाने पर हैं. सिद्धारमैया को प्रधानमंत्री सीधारूपैया का नाम दे रहे हैं. यानी करप्शन का आरोप लगा रहे हैं. पलटवार में कांग्रेस कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस तरह नाम लेने को भी प्रदेश की इज्जत से जोड़ रही है. कर्नाटक के कांग्रेस के नेता लगातार इस बात का जिक्र कर रहे हैं कि बीजेपी जानबूझकर मुख्यमंत्री की बेइज्जती कर रही है. जबकि सीएम के ऊपर करप्शन का कोई मामला नही है. वहीं बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बना रखा है जिसका दामन भ्रष्टाचार से दागदार है.

siddharamaiyah-amit shah

जाहिर है कर्नाटक में प्यार और जंग में सब कुछ जायज़ है कि कहावत चरितार्थ हो रही है. हालांकि कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री का बचाव कर रहे हैं. कांग्रेस के नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है कि सीएम के ऊपर पर्सलन अटैक नहीं करना चाहिए. अगर प्रधानमंत्री के पास सुबूत है तो जनता के सामने रखें या फिर किसी एजेंसी से जांच करवा लें.

बीजेपी पर वार के लिए कांग्रेस की ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेस

कांग्रेस को लग रहा है कि बीजेपी को कर्नाटक में रोक दिया गया तो उसके लिए बड़ी कामयाबी होगी. वहीं राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के तौर पर स्थापित करने के लिए ये बड़ा मौका है. जिसे पार्टी हाथ से जाने नहीं देना चाहती है. इसलिए कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही बेंगलुरु में अलग से मीडिया वॉर रूम बना लिया था. प्रियंका चतुर्वेदी को इसकी कमान दी गई है. वहीं सोशल मीडिया पर भी काम जोरों पर है. दिव्या स्पंदना और राधिका खेरा की टीम काम देख रही है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी कैंप कर रहे हैं.

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वहीं बेंगलुरु के अलावा दक्षिण और उत्तरी कन्नड़ में बीजेपी को मात देने के लिए और मेंगलुरु में लगातार कांग्रेस के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. कांग्रेस के बड़े नेता सुशील कुमार शिंदे से लेकर मनीष तिवारी तक पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं. हालांकि ये तरीका गुजरात में अख्थियार किया गया था लेकिन कांग्रेस को सिर्फ नैतिक जीत पर संतोष करना पड़ा था.

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