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भारत की अवधारणा में किसी एक धर्म, भाषा और संस्कृति की प्रधानता नहीं : सिद्धारमैया

सिद्धारमैया ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इवेंट मैनेजमेंट के जरिए केंद्र सरकार को चला रहे हैं

Updated On: Mar 17, 2018 04:10 PM IST

Bhasha

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भारत की अवधारणा में किसी एक धर्म, भाषा और संस्कृति की प्रधानता नहीं : सिद्धारमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज कहा कि एक राष्ट्र के तौर पर भारत की अवधारणा में किसी एक धर्म, भाषा या संस्कृति की प्रधानता नहीं है, बल्कि यह बहुसांस्कृतिकता से जुड़ी हुई है.

उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि हिंदूवादी ताकतें वैचारिक रूप से यूरोप खासकर जर्मनी और इटली के फासीवादी विचारकों से प्रभावित हैं.

कांग्रेस ने एक भाषा और संस्कृति को प्रमुखता देने वाले राष्ट्र की यूरोपीय अवधारणा को खारिज किया था. एक राष्ट्र के तौर पर भारत की अवधारणा का मतलब सभी लोगों के साथ एकसमान व्यवहार करना, सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करना है.

अगले कुछ हफ्तों के भीतर विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहे सिद्धारमैया ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इवेंट मैनेजमेंट के जरिए केंद्र सरकार को चला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने 10 वर्ष के अपने कार्यकाल में देश के समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में अहम योगदान दिया.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपनी सरकार की कई उपलब्धियां भी गिनाईं.

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