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कर्नाटक में कांग्रेस की पहली सूची जारी, 'एक पार्टी-एक परिवार' का फार्मूला ध्वस्त

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके बेटे को, गृह मंत्री और उनकी बेटी को और कानून मंत्री और उनके बेटे को भी प्रत्याशी बनाया है

FP Staff Updated On: Apr 16, 2018 02:07 PM IST

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कर्नाटक में कांग्रेस की पहली सूची जारी, 'एक पार्टी-एक परिवार' का फार्मूला ध्वस्त

कांग्रेस ने रविवार को कर्नाटक में अपने 218 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. इसके साथ ही 12 मई को होने वाले 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव की लड़ाई तेज हो गई. बीजेपी भी सोमवार को अपनी दूसरी सूची जारी कर देगी. उधर, देवगौड़ा की अगुवाई वाली जेडीएस मंगलवार को सूची जारी करने की तैयारी में है. उससे पहले पार्टी के आला कमान देवगौड़ा बेंगलुरु में एक बैठक कर उन 45 सीटों पर चर्चा करने वाले हैं जिन्हें वे जिताऊ मानते हैं. वोटों की गिनती 15 मई को होगी.

कांग्रेस ने रविवार शाम छह सीटों को छोड़कर 218 प्रत्याशियों की सूची जारी की. इन छह सीटों में एक शांतिनगर भी है जहां के विधायक एनए हरीश विवादों में हैं. हरीश के बेटे मोहम्मद नालापद ने अभी हाल में बेंगलुरु के एक रेस्त्रा मालिक की पिटाई कर दी थी.

मेलकोट से बाहर रहेगी कांग्रेस

मेलकोट में कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी और दर्शन पुटानिया को समर्थन देगी. पुटानिया दिवंगत विधायक और किसान नेता पुटानिया के बेटे हैं जो स्वराज इंडिया पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

जैसा कि पहले कहा जा रहा था सिद्धारमैया दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे, ऐसा नहीं हुआ. कांग्रेस ने सिद्धरमैया को बस एक सीट चामुंडेश्वरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी परमेश्वर को कोराटेगेरे से उम्मीदवार बनाया है.

पार्टी ने कर्नाटक चुनावों के लिए ‘एक परिवार, एक टिकट’ का फार्मूला नहीं अपनाया है. उसने मुख्यमंत्री और उनके बेटे को, गृह मंत्री और उनकी बेटी को और कानून मंत्री और उनके बेटे को भी प्रत्याशी बनाया है. हालांकि कांग्रेस ने पंजाब में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में यह सूत्रवाक्य अपनाया था. इस सूची में राज्य के कुछ मंत्रियों के नाम भी हैं. पार्टी ने अपने 12 मौजूदा विधायकों को टिकट न देकर सबको चौंका दिया है.

कांग्रेस की 15 महिला उम्मीदवार

बीजेपी ने जिन 72 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, उनमें 3 महिलाएं हैं, जबकि कांग्रेस के 281 प्रत्याशियों में 15 महिला उम्मीदवार हैं. इनमें बेंगलुरु की मेयर जी. पद्मावती, केपीसीसी महिला संगठन अध्यक्ष लक्ष्मी हेब्बलकर, महिला कल्याण मंत्री उमाश्री और शारदा मोहन के नाम लिस्ट में शामिल हैं.

कांग्रेस ने अपने कुछ अहम नेताओं को टिकट देने से भी मना कर दिया है. सुनील बोस को लड़ाए जाने की काफी कम संभावना है क्योंकि अवैध रेत खनन घोटाले में इनका नाम उछला है.

क्यों बिफरे वीरप्पा मोइली?

कर्नाटक कांग्रेस में नेता पुत्रों को लेकर भी घमासान जारी है. राहुल बोस के पिता महादेवप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली आमने-सामने आ गए हैं. महादेवप्पा उडूपी के करकला सीट पर उदय कुमार शेट्टी को लड़ाना चाह रहे थे लेकिन मोइली को यह पसंद नहीं आया, क्योंकि इस सीट पर वे अपने बेटे हर्ष मोइली को उतारना चाह रहे थे. महादेवप्पा और मोइली में चल रही तनातनी को विराम देने के लिए कांग्रेस ने करकला सीट से गोपाल भंडारी को टिकट दे दिया. इस चक्कर में बोस और हर्ष, दोनों नेताओं के टिकट गए.

कांग्रेस ने तटीय इलाकों-दक्षिण कन्नड़, उडूपी और उत्तर कन्नड़ में सुरक्षित नुस्खा अपनाया है. यहां पार्टी के मौजूदा विधायकों को ही टिकट दिया गया है. कोलार से सांसद केएच मुनियप्पा की बेटी रूपा शशिधर को कोलार गोल्ड फील्ड से टिकट मिला है. मुनियप्पा के ही एक और करीबी और प्रशासनिक अधिकारी सैयद जमीर पाशा को कोलार से उतारा गया है.

गृहमंत्री की बेटी को भी टिकट

गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अपनी बेटी सौम्या को जयनगर से टिकट दिलाने में सफलता प्राप्त की है. योजना मंत्री एमआर सीताराम मल्लेश्वरम से चुनाव लड़ेंगे. ये 1999 और 2004 में चुनाव जीत चुके हैं. सबसे दिलचस्प सीट पुलकेशीनगर है जहां से अखंड श्रीनिवास मूर्ति कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. मूर्ति ने जेडीएस से पाला बदलकर कांग्रेस जॉइन किया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने सबसे करीबी और मौजूदा विधायक बासवराज शिवन्नावार को टिकट नहीं दिला पाए हैं. वोक्कालिगा के गढ़ मांड्या में कांग्रेस ने सुरक्षित हाथ आजमाते हुए अंबरीश को टिकट दिया है.

(भाषा के इनपुट के साथ 101 रिपोर्टर्स की खबर)

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