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कर्नाटक चुनाव: पीएम मोदी पर राहुल गांधी ने इतना फोकस किया कि मुद्दा ही भूल गए

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उनकी ज्यादातर बातें सफाई देने और पीएम मोदी की आलोचना में निकल गया

Updated On: May 10, 2018 01:59 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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कर्नाटक चुनाव: पीएम मोदी पर राहुल गांधी ने इतना फोकस किया कि मुद्दा ही भूल गए

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक चुनाव प्रचार के आखिरी दिन बेंगलुरु में सुबह-सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे. इस मौके पर राहुल के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे. सिद्धरमैया ने इस मौके पर कुछ बोला भी लेकिन, खड़गे साहब को बोलने का मौका तक नहीं मिला.

कर्नाटक के दलित समुदाय से आने वाले बड़े नेता खड़गे को शायद इसलिए बुलाया गया था, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली के दौरान कांग्रेस के इस बड़े दलित नेता की उपेक्षा के मुद्दे को हवा दे दी थी.

कर्नाटक नहीं, मोदी पर रहा राहुल गांधी का फोकस 

खैर, खड़गे आए लेकिन कुछ भी नहीं बोले. बोले सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. राहुल से अपेक्षा की जा रही थी इस चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कर्नाटक के मुद्दे को उठाकर विरोधियों पर हमला बोलेंगे. लेकिन, उनका फोकस कर्नाटक से ज्यादा मोदी पर रहा.

मोदी सरकार की विफलता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण, उनकी तरफ से किए गए राहुल-सोनिया पर हमले और मोदी की विदेश नीति के ईर्द-गिर्द ही पूरा प्रेस कॉन्फ्रेंस चलता रहा. राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर एक बार फिर से मोदी की विदेश नीति को लेकर सवाल खड़ा किया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘पीएम चीन गए तो हमें लगा कि डोकलाम के मुद्दे पर चर्चा करेंगे, लेकिन, ऐसा नहीं हुआ.’ उन्होंने कहा कि भले ही बिना किसी एजेंडे के पीएम चीन के दौरे पर गए थे, लेकिन, एजेंडा था. एजेंडे में चर्चा डोकलाम पर होनी चाहिए थी. लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया.

मोदी की विदेश नीति की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस वक्त हम हर तरफ से घिर रहे हैं. दूसरी तरफ, रूस के साथ पाकिस्तान की आर्म्स डील को भी राहुल ने मोदी की विफल विदेश नीति का पर्याय बताया.

Bengaluru: AICC President Rahul Gandhi waves at his supporters during a road show ahead of the Karnataka Assembly election in Bengaluru on Wednesday. PTI Photo by Shailendra Bhojak (PTI5_9_2018_000123B)

क्या सच में मोदी डरे हुए हैं?

पिछले दिनों अपनी चुनावी रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह राहुल गांधी पर हमला बोला है, उसे राहुल ने मोदी का डर बताया. राहुल ने कहा कि मोदी उनसे डरे हुए हैं, लिहाजा इस तरह बोलते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मोदी के अंदर गुस्सा भरा हुआ है. सिर्फ मुझसे नहीं, वे हर किसी से गुस्से में रहते हैं. मुझे देखते ही गुस्से में आ जाते हैं लेकिन यह उनकी समस्या है. यह मेरी दिक्कत नहीं हैं.

बीजेपी ने सोनिया गांधी के इटैलियन नाम का जिक्र भी चुनाव के दौरान किया था. राहुल ने खुद पर और अपनी मां पर हो रहे हमले का भी जवाब इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया. उन्होंने कहा, उनकी मां इटली से हैं लेकिन किसी भारतीय से ज्यादा भारतीय हैं.

राहुल गांधी ने कहा, बीजेपी कर्नाटक चुनाव तो हारेगी ही, उसके बाद राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनाव भी हारेगी. यहां तक कि लोकसभा चुनाव भी बीजेपी के हाथों से निकल जाएगा.

दलितों और महिलाओं पर मोदी को घेरने की कोशिश

दलितों और महिलाओं के मुद्दे को लेकर एक बार फिर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर निशाना साधा. उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, लेकिन, इस मुद्दे पर उनका ज्यादा फोकस राफेल डील को लेकर था. राहुल गांधी ने मोदी पर आरोप लगाया कि राफेल डील के जरिए वह अपने दोस्तों को फायदा पहुंचा रहे हैं. येदियुरप्पा और रेड्डी ब्रदर्स पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्होंने बीजेपी को भी घेरने की कोशिश की.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक चुनाव मोदी बनाम राहुल का चुनाव होता गया, बीजेपी भी यही चाहती थी !

यहां भी राहुल गांधी चूक गए. अगर उनका फोकस सिर्फ येदियुरप्पा या रेड्डी ब्रदर्स पर होता तो भी केंद्र में कर्नाटक होता लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मोदी को घेरने की कोशिश में वह बात राफेल पर लेकर चले गए. लेकिन, कर्नाटक के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राफेल डील के बहाने मोदी को घेरने की उनकी रणनीति से क्या फायदा ?

Bengaluru: Congress President Rahul Gandhi greets his supporters during an election campaign rally ahead of Karnataka Assembly Elections 2018 in Bengaluru on Wednesday. (PTI Photo) (PTI5_9_2018_000170B)

संघ भी निशाने पर

राहुल गांधी ने एक बार फिर संघ परिवार पर हमला बोला. आरोप लगाया कि संघ कर्नाटक के लोगों की भाषा, संस्कृति, खान-पान सबको बर्बाद करना चाहता है. संघ पर आरोप लगाने के साथ-साथ राहुल ने कहा कि 'हम हर मजहब का सम्मान करते हैं.'

बीजेपी राहुल गांधी को चुनावी हिंदू कहकर पुकारती रही है. ऐसा राहुल गांधी के चुनाव के वक्त मंदिर-मंदिर घूमने के कारण कह रही है. अब राहुल गांधी बीजेपी को ही हिंदू शब्द का मतलब समझाने में लगे हैं.

हालांकि प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के मुद्दे पर राहुल ने सवालों को टाल दिया. राहुल की दावेदारी पर मोदी ने चुटकी लेते हुए बाल्टी रखने वाले दबंग से उनकी तुलना की थी. उनकी कोशिश विपक्षी दलों से रायशुमारी किए बगैर उनकी दावेदारी को अहंकार का प्रतीक बताना था. लेकिन, राहुल गांधी ने इसे मोदी की तरफ से मुद्दे को भटाकाने वाला बयान बता दिया.

राहुल गांधी के पूरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के मुद्दे और वहां दो दिन बाद होने वाले चुनाव को लेकर कुछ खास बोलने के बजाए मोदी पर हमले पर ज्यादा फोकस रहा. दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने 21 रैलियां करने के बाद प्रचार के आखिरी दिन राहुल के प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले नमो ऐप के जरिए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया.

बेहतर होता राहुल गांधी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी को घेरने के बजाए कर्नाटक पर ज्यादा फोकस करते. लेकिन, यहां भी उनसे चूक हो गई. कर्नाटक चुनाव को मोदी बनाम राहुल कराने की बीजेपी की रणनीति में फिर राहुल उलझ कर रह गए.

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