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कर्नाटकः घोटालों में शामिल रेड्डी बंधुओं की बीजेपी में बैक डोर एंट्री?

बेल पर बाहर आए जर्नादन रेड्डी ने सिक्रेट बैठक में कहा कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं को हराने में मदद करने के लिए कहा है

Updated On: Feb 23, 2018 10:27 AM IST

FP Staff

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कर्नाटकः घोटालों में शामिल रेड्डी बंधुओं की बीजेपी में बैक डोर एंट्री?
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही न हुआ हो लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं. ऐसी तैयारियों का नजारा देखने को गुरुवार को मिला जब 50,000 करोड़ रुपए के खनन घोटाले के मुख्य अभियुक्त जनार्दन रेड्डी ने एक 'सीक्रेट' बैठक की. इस बैठक की अध्यक्षता भी जनार्दन रेड्डी ने ही की.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा आने वाले विधानसभा चुनावों में किसी भी हाल में कांग्रेस की हार को सुनिश्चित करना है. बेल पर बाहर आए रेड्डी ने दावा किया कि बीजेपी के केंद्रीय नेताओं ने कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं को हराने के लिए उनसे मदद मांगी है. इनमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री रामालिंगा रेड्डी का नाम भी शामिल है.

अगर जनार्दन रेड्डी के दावों में सच्चाई है तो यह करो या मरो की स्थिति वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा राजनीतिक कदम है.

2008 में बीजेपी की पहली बार दक्षिण भारत में सरकार बनाने में की थी मदद

पैसे और ताकत के दम पर 2008 में पहली बार किसी दक्षिण भारतीय राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने में मदद करने वाले रेड्डी बंधु पांच साल में ही बीजेपी के लिए अप्रिय हो गए.

कर्नाटक के तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने रेड्डी बंधुओं को खनन घोटाले में दोषी पाया था. इसके बाद सीबीआई ने जनार्दन रेड्डी को जेल भेज दिया और उन्हें चार साल बेंगलुरु और हैदराबाद के जेलों में काटना पड़ा.

न्यूज-18 की खबर के मुताबिक, 2013 विधानसभा चुनाव के दौरान रेड्डी जेल में थे और उन्हें बीजेपी से निकाल भी दिया गया था. इसके बाद रेड्डी के करीबी बी श्रीमुल्लु ने बीएसआर कांग्रेस नाम की नई पार्टी बना ली. इस पार्टी ने उस समय 3 सीटें जीती थीं.

बीजेपी ने कुछ समय के लिए बना ली थी रेड्डी बंधुओं से दूरी

2014 लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के दो गुट एक हुए और 28 में से 17 सीट जीतने में कामयाब रहे. इसके बाद भी बीजेपी रेड्डी बंधुओं से दूरी बना कर रख रही थी.

Photo Source: News-18

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जेल से बाहर आने के बाद जनार्दन रेड्डी ने कहा था कि वह अभी भी बीजेपी के साथ है लेकिन पार्टी की राज्य इकाई ने उनके इस दावे को नकार दिया.

बीजेपी और रेड्डी बंधुओं में करीब आने का सिलसिला पहली बार तब देखा गया जब नोटबंदी के कुछ ही सप्ताह बाद अपनी बेटी की शादी के लिए रेड्डी ने 500 करोड़ रुपए का इंतजाम कर लिया. नवंबर 2016 में हुए इस शादी में बीजेपी के सारे बड़े नेता शामिल हुए. इस शादी में नोटबंदी के बाद पांच सौ करोड़ रुपए का बंदोबश्त कैसे हुआ इसकी चिंता इनकम टैक्स विभाग को भी नहीं रही.

जनार्दन रेड्डी के बेल्लारी जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखी है रोक

सुप्रीम कोर्ट ने जनार्दन रेड्डी के अपने गृह नगर बेल्लारी जाने और मीडिया से बात करने पर रोक लगा रखी है. रेड्डी ने दो सप्ताह पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी की उन्हें बेल्लारी जाने दिया जाए, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे भी खारिज कर दिया.

ऐस लग रहा है कि बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा रेड्डी बंधुओं के सारे कर्मों को भूल चुके हैं. हालांकि, वो रेड्डी बंधुओं से सार्वजनिक तौर पर नहीं मिल रहे और न ही चर्चा कर रहे हैं लेकिन वो रेड्डी बंधुओं की ताकत का इस्तेमाल कर कुछ सीट जरूर जीतना चाहते हैं.

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