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कर्नाटक चुनाव 2018: सिद्धारमैया की 'कमीशन सरकार' का समय समाप्त होने वाला है- शाह

शाह ने पुराने मैसूर क्षेत्र से अपने दौरे की शुरुआत कर दी है, जहां पिछले चुनाव में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी

Updated On: Mar 31, 2018 12:02 PM IST

FP Staff

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कर्नाटक चुनाव 2018: सिद्धारमैया की 'कमीशन सरकार' का समय समाप्त होने वाला है- शाह

चुनावी राज्य कर्नाटक के दौरे पर गए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सिद्धारमैया सरकार पर बड़ा हमला बोला है. शनिवार को मैसूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शाह ने लिंगायतों को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा दिए जाने का मुद्दा उठाया.

उन्होंने कहा कि यह कदम येदियुरप्पा को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए उठाया गया है. सिद्धारमैया सरकार लिंगायत वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहती है लेकिन यहां के लोग चौकन्ने हैं.

बीजेपी अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि चुनाव संपन्न होने के बाद उनकी पार्टी लिंगायत मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करेगी.

शाह ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के लिए कहा कि उनका समय अब समाप्त होने वाला है. शाह ने कहा, 'अगर सिद्धारमैया को लगता है कि बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा कर भगवा विचारधारा को रोका जा सकता है, तो वो गलत हैं.'

सिद्धारमैया, जेडीएस को लगेगा सदमा

उन्होंने कहा, उम्मीद है कि 12 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) को पुराने मैसूर क्षेत्र से ‘अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा’ लगेगा.'

बीजेपी की ‘नव शक्ति समावेश’ रैली को मैसूर में संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘कहा जाता है कि बीजेपी यहां (पुराने मैसूर क्षेत्र में) थोड़ी कमजोर है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं का काम देखने के बाद मुझे उम्मीद है कि सिद्धारमैया जी और जेडीएस को इस (पुराने) मैसूर क्षेत्र से अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा लगेगा.’

सिद्धारमैया के गढ़ में शाह

अमित शाह ने पुराने मैसूर क्षेत्र से अपने कर्नाटक दौरे की शुरुआत की है. यहां पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी.

दो दिन की अपनी इस यात्रा के दौरान शाह मैसूर, चामराजनगर, मांड्या और रामनगर जिलों का दौरा करेंगे. वोक्कालिंगा समुदाय का प्रभाव क्षेत्र माने जाने वाले इन 4 जिलों की कुल 26 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 2013 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी.

इसके अलावा, यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का गृह क्षेत्र है. सिद्दरमैया मैसूर के रहने वाले हैं. पुराने मैसूर में मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की अगुवाई वाली जेडीएस के बीच माना जा रहा है.

शाह ने कहा कि जेडीएस नहीं बल्कि बीजेपी में सिद्धारमैया की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने की ताकत है, क्योंकि देवगौड़ा की पार्टी तो ‘बस यहां-वहां कुछ सीटें हासिल करेगी.’

बीजेपी अध्यक्ष ने मैसूर के लोगों से कहा कि वो एक ‘कमीशन सरकार’ और कर्नाटक को विकास के पथ पर ले जाने वाली सरकार के बीच चुनाव करें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में एक रैली में सिद्धारमैया सरकार को ‘10 फीसदी कमीशन सरकार’ करार दिया था.

कर्नाटक की जनता को विकास का वादा

शाह ने कहा कि उनकी पार्टी सिद्धारमैया को हटाकर येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री ही नहीं बनाना चाहती, बल्कि ऐसा बदलाव भी लाना चाहती है जिससे कर्नाटक को विकास के पथ पर ले जाया जा सके.

इस हफ्ते की शुरुआत में दावणगेरे में अपनी जुबान फिसलने की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सिद्धारमैया के भ्रष्टाचार का जिक्र करते वक्त अपने संबोधन में गलती कर दी थी, लेकिन राज्य की जनता ऐसी गलती नहीं करेगी, क्योंकि वो सिद्धारमैया के शासन को अच्छी तरह जानते हैं.

दावणगेरे में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सिद्धारमैया सरकार को ‘सबसे भ्रष्ट’ बताने की कोशिश में अमित शाह ने ‘येदियुरप्पा’ सरकार का जिक्र कर दिया था. बाद में  बीजेपी सांसद प्रहलाद जोशी के इस पर ध्यान दिलाने के बाद शाह ने अपनी भूल सुधार कर ली थी.

(इनपुट भाषा के साथ)

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