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अखिलेश के ठिकानों पर CBI रेड पर बोले सिब्बल, SP-BSP गठबंधन की खबर आने के बाद BJP ने कराई रेड

अवैध खनन घोटाले मामले में CBI ने 14 जगहों पर की थी छापेमारी

Updated On: Jan 06, 2019 03:30 PM IST

FP Staff

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अखिलेश के ठिकानों पर CBI रेड पर बोले सिब्बल, SP-BSP गठबंधन की खबर आने के बाद BJP ने कराई रेड

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ठिकानों पर अवैध खनन मामले में सीबीआई छापेमारी हुई है. इसपर कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा है कि यूपी में (एसपी-बीएसपी) इन दोनों पार्टियों के गठबंधन की खबर सार्वजनिक हो गई है. यही वजह है कि अखिलेश यादव के ठिकानों पर छापे पड़ने शुरू हो गए हैं. ये पहले से ही तय था, जो भी उनके (बीजेपी) खिलाफ बोलेगा, उस पर रेड पड़ेगी. यह सरकार ऐसे ही चलती है.

उधर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अवैध खनन मामले में सीबीआई छापेमारी पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बीजेपी पर प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास CBI है तो हमारे पास गठबंधन (एसपी-बीएसपी) है.

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई उनसे सवाल करेगी तो वो उसका वो जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी 'अपना असली रंग' दिखा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी सर्वाधिक सीटें जीतना चाहती है. जो (बीजेपी) हमें इससे रोकना चाहते हैं उनके पास CBI है. जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी.

अखिलेश ने कहा वो खुश हैं कि बीजेपी 'अपना असली रंग दिखा रही' है. उन्हें पता होना चाहिए कि जो भी कुछ वो कर रहे हैं बाद में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि यूपी के कार्यकाल में पहले कांग्रेस सीबीआई भेजती थी अब बीजेपी यही काम करती है.

अवैध खनन घोटाले मामले में CBI ने 14 जगहों पर की थी छापेमारी

दरअसल शनिवार को सीबीआई की टीम ने अवैध खनन घोटाले के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली समेत लखनऊ, कानपुर, जालौन, हमीरपुर समेत एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी. साथ ही उस दौरान हमीरपुर की जिलाधिकारी रहीं बी.चंद्रकला के लखनऊ स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई थी.

आरोप है कि हमीरपुर में अधिकारियों ने वर्ष 2012 से 2016 के दौरान अवैध खनन होने दिया और खनन पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के प्रतिबंध के बाद भी नए लाइसेंस जारी किए. यह भी आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने खनिजों की चोरी को भी अनुमति दी और लीज धारकों और ड्राइवरों से पैसे भी वसूले.

जिस दौरान (2012-2013) का यह घोटाला है तब अखिलेश यादव के पास खनन विभाग का भी प्रभार था. जिसके बाद सूत्रों के अनुसार यह माना जा रहा है कि सीबीआई उनसे भी इस मामले में सवाल-जवाब कर सकती है.

2016 में मामूली खनिजों के अवैध खनन के मामले की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 7 प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दायर की थी. इसके बाद कई धाराओं के तहत लोगों और लोक सेवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

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