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पुलिस के पास मेरे खिलाफ चार्जशीट में डालने को कुछ है ही नहीं: कन्हैया कुमार

कन्हैया ने कहा, 'अगर मेरे खिलाफ इतना बड़ा मामला है, तो पुलिस ने अब तक अदालत में चार्जशीट दायर क्यों नहीं किया?'

Bhasha Updated On: Aug 10, 2017 04:07 PM IST

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पुलिस के पास मेरे खिलाफ चार्जशीट में डालने को कुछ है ही नहीं: कन्हैया कुमार

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने दावा किया है कि उनके खिलाफ चल रहे देशद्रोह के मुकदमे में कोर्ट में चार्जशीट दायर करने के लिए पुलिस के पास कोई ठोस आधार नहीं है.

जेएनयू कैंपस में पिछले साल भारत विरोधी नारेबाजी का आरोप लगाए जाने के बाद देशद्रोह के मुकदमे का सामना कर रहे छात्र नेता कन्हैया ने बुधवार रात एक कार्यक्रम में ये बात कही. उन्होंने कहा, 'असल बात यह है कि पुलिस के पास मेरे खिलाफ कुछ है ही नहीं. अगर मेरे खिलाफ इतना बड़ा मामला है, तो पुलिस ने अब तक अदालत में चार्जशीट दायर क्यों नहीं किया.'

उन्होंने कहा, 'मैं अपनी बेगुनाही का सबूत नहीं दे रहा हूं. मैं कुछ लोगों के झूठे प्रचार का पर्दाफाश कर रहा हूं. जेएनयू में नारेबाजी का मसला केवल इसलिए खड़ा किया गया, ताकि दलित रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला की मौत के बाद शुरू हुई बहस से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.'

आम आदमी टैक्स के बोझ तले दबा

कन्हैया ने संसद पर हमले के जुर्म में फांसी की सजा पाने वाले अफजल गुरु की बरसी मनाए जाने के आरोपों से भी इनकार किया. 30 वर्षीय छात्र नेता ने कहा कि अगर उन्होंने सच में अफजल की बरसी मनाई होती, तो उन्हें देशद्रोह के मामले में जमानत पर छोड़ा नहीं जाता.

कन्हैया ने पिछले लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के 'अच्छे दिन आएंगे' के चर्चित नारे पर सवाल उठाते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कटाक्ष भरे लहजे में कहा कि 'अच्छे दिनों' के कारण देश में टमाटर और सेब एक भाव पर बिक रहे हैं तथा नागरिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है.

जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ने सरदार सरोवर बांध परियोजना के कारण मध्य प्रदेश में विस्थापित होने जा रहे हजारों लोगों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को भी अपना समर्थन दिया.

विस्थापितों के साथ जानवरों सा सलूक

उन्होंने कहा, 'मध्यप्रदेश में आदर्श पुनर्वास के नाम पर अस्तबल जैसे टीन शेडों में विस्थापितों के रहने का इंतजाम किया गया है. हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं.' छात्र नेता ने आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह संघ के लोगों को भारतीय संस्कृति, हिंदू धर्म और भगवा रंग पर बहस की खुली चुनौती देते हैं.

कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के जत्थे 'लॉन्ग मार्च' के इंदौर पहुंचने के मौके पर बोल रहे थे. यह कन्याकुमारी से हुसैनीवालां तक की यात्रा है.

इस बीच इलाके के दक्षिणपंथी संगठनों ने जेएनयू में पिछले साल कथित देशविरोधी नारेबाजी मामले के लिए कन्हैया के कार्यक्रम का विरोध किया.

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