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एमपी: सरकार के 12 साल पर ज्योतिरादित्य के शिवराज से 6 सवाल

सरकार के 'सेवा पर्व' मनाने के फैसले पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज पर निशाना साधा

FP Staff Updated On: Nov 29, 2017 05:08 PM IST

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एमपी: सरकार के 12 साल पर ज्योतिरादित्य के शिवराज से 6 सवाल

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सवालों की बौछार कर दी. चौहान से एक के बाद एक पांच सवाल करते हुए उन्होंने कई मुद्दों को उठाया.

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा बारह साल के जश्न मनाने का विरोध करते हुए ट्विटर पर अपने सवाल पोस्ट किए. उनका पहला सवाल था- 2016 में प्रतिदिन 63 मासूम बच्चों की मौत, 1 साल में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या 3 गुना बढ़कर 26000 हुई, इंदौर के MY अस्पताल में गैस कमी के कारण 11 मरीज़ों की मृत्यु, आज मप्र का शिशु मृत्यु दर देश में सबसे अधिक- इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? मप्र में 7000 डॉक्टरों की ज़रुरत, केवल 3000 उपलब्ध; 334 बाल रोग विशेषज्ञों की ज़रुरत, अभी 85 मौजूद; 1989 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ज़रुरत, अभी सिर्फ 1171 केंद्र. पहले तो अस्पताल नहीं, अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं; डॉक्टर है तो दवाई नहीं. लगता है सरकार स्वयं ICU में चली गई है.

इसके बाद उन्होंने दूसरा सवाल किया- आज किसान फसल सड़कों पर फेंकने को मजबूर- एक तरफ बढ़ती लागत, समर्थन मूल्य में इजाफा नहीं, मंडियों में दाम नहीं, बिक्री हो तो भुगतान हाथोहाथ नहीं. भावान्तर का भंवरजाल किसानों के लिए सुरक्षा कवच है या ज़ख्म कुरेदने का षड्यंत्र? @ChouhanShivraj, क्या यही है आपका किसानों पर उपकार? अपना जायज़ हक़ मांगने पर मप्र सरकार ने मंदसौर के किसानों को गोली चलाकर जान से मार डाला, टीकमगढ़ में किसानों को थाने में निवस्त्र कर लाठियां बरसाई, फिर नरसिंहपुर में निराश किसानों को अपने खून से कलेक्ट्रेट की दीवारों को रंगने पर मजबूर कर दिया.

उनका तीसरा सवाल था- @ChouhanShivraj कहते है किसान पूरी तरह संतुष्ट है? अपने ही प्रदेश में भीषण कृषि संकट से झूझ रहे पीड़ित किसानों को असामाजिक तत्व का खिताब देते है?

चौथा सवाल- हिंदुस्तान के दिल में बसे किसानों में से हर 5 घंटे, एक किसान अपनी जान ले रहा है; पिछले 16 सालों में, 21000 किसान आत्महत्या का रास्ता अपना चुके है. क्या आपको उनकी पीड़ा दिखती है, या क्या यही है कृषि कर्मण पुरस्कार जीतने वाले स्वर्णिम मध्यप्रदेश की सच्चाई?

पांचवा सवाल- सिंहस्थ के आस्था के कुम्भ में भी भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं छोड़ा. व्यापम की बदौलत आज हमारा स्वर्णिम प्रदेश “मृत्यु प्रदेश” कहलाया जाता है- जाने कितने मासूमों ने जान गंवाई. शिक्षा में इतिहास में पहला ऐसा घोटाला- 7 साल पढ़ाई करने वाले डॉक्टर की आपने 7 लाख की बोली लगा दी?

छठा सवाल- कहीं शौचालय, गौशालय में स्कूल तो कही छात्र सड़क किनारे, बिना छत आवारा पशुओं के साथ पढ़ने को मजबूर. ऊपर से स्कूल में टीचर नहीं, जहां है वहां एक ही है- 17,874 स्कूल में केवल एक टीचर - 12 साल में @ChouhanShivraj ने शिक्षा के लिए आखिर किया क्या है?

अब इंतजार है कि सरकार की तरफ से इसका क्या जवाब आता है.

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