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बिहार: जोकीहाट में जीत के साथ 10वीं बार भी बरकरार रहा 'तस्लीमुद्दीन परिवार' का कब्जा

यहां हुए 14 चुनावों में नौ बार तस्लीमुद्दीन परिवार का कब्जा रहा था, पांच बार खुद तस्लीमुद्दीन विधायक चुने गए जबकि चार बार उनके बेटे सरफराज ने जीत दर्ज की

Updated On: May 31, 2018 04:58 PM IST

FP Staff

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बिहार: जोकीहाट में जीत के साथ 10वीं बार भी बरकरार रहा 'तस्लीमुद्दीन परिवार' का कब्जा

बिहार की जोकीहाट सीट पर पूर्वानुमान के मुताबिक तस्लीमुद्दीन के परिवार का कब्जा बरकरार रहा. आरजेडी प्रत्याशी शाहनवाज आलम ने जेडीयू प्रत्याशी मुर्शीद आलम को उपचुनाव में करारी शिकस्त दी है और 41 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है.

इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक हुए चुनावों में नौ बार तस्लीमुद्दीन के परिवार का कब्जा रहा और यह दसवां मौका है जब इस परिवार के किसी सदस्य ने इस सीट पर जीत हासिल की है.

अररिया जिले के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र का गठन 1969 में हुआ था. तब से अब तक यहां 14 बार विधानसभा के चुनाव हो चुके हैं. तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद इस सीट पर उनके परिवार के सदस्य को मिलने वाली जीत पर सवाल खड़े हो रहे थे, जिसे उनके छोटे बेटे ने जीत कर अपने विरोधियों को जवाब दे दिया है.

5 बार खुद विधायक रहे तस्लीमुद्दीन

यहां हुए 14 चुनावों में नौ बार तस्लीमुद्दीन परिवार का कब्जा रहा था. पांच बार खुद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन विधायक चुने गए जबकि चार बार उनके बेटे सरफराज ने भी जीत दर्ज की. सरफराज के लोकसभा में जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी जिसे उनके भाई ने जीत कर अपने परिवार का कब्जा बरकरार रखा.

इससे पहले सरफराज के पिता और सीमांचल के गांधी कहे जाने वाले मो. तस्लीमुद्दीन जो आरजेडी के सांसद थे, का निधन पिछले साल सितंबर में हो गया था. पिता के निधन के बाद सरफराज आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीते और विधायक से सांसद बने.

इस उपचुनाव में सफराज के छोटे भाई शाहनवाज ने अपने पिता और भाई की सीट पर कब्जे को कायम रखा. जीत के बाद उन्होंने कहा कि सीमांचल में आरजेडी का कब्जा था, है और हमेशा बरकरार रहेगा.

(न्यूज-18 के लिए अमरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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