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कन्हैया ने सरकार के खिलाफ नफरत भड़काने के लिए भारत विरोधी नारे लगाए थे: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष दावा किया है कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व नेता कन्हैया कुमार ने सरकार के खिलाफ नफरत और असंतोष भड़काने के लिए 2016 में भारत विरोधी नारे लगाए थे

Updated On: Jan 16, 2019 04:30 PM IST

Bhasha

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कन्हैया ने सरकार के खिलाफ नफरत भड़काने के लिए भारत विरोधी नारे लगाए थे: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष दावा किया है कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व नेता कन्हैया कुमार ने सरकार के खिलाफ नफरत और असंतोष भड़काने के लिए 2016 में भारत विरोधी नारे लगाए थे. कोर्ट इस मामले में दाखिल चार्जशीट पर 19 जनवरी को विचार करेगी.

पुलिस ने चार्जशीट में कई गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा है कि 9 फरवरी, 2016 को विश्वविद्यालय परिसर में कन्हैया प्रदर्शनकारियों के साथ चल रहे थे और काफी संख्या में अज्ञात लोग नारेबाजी कर रहे थे. गौरतलब है कि संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू को दी गई फांसी की बरसी पर विश्वविद्यालय परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

कोर्ट 19 जनवरी को चार्जशीट पर विचार करेगी. यह मामले पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत के मंगलवार को छुट्टी पर होने के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए तारीख तय की.

चार्जशीट के मुताबिक, गवाहों ने यह भी कहा कि कन्हैया घटनास्थल पर मौजूद थे, जहां प्रदर्शनकारियों के हाथों में अफजल के पोस्टर थे. 'अंतिम रिपोर्ट में कहा गया है कि कन्हैया ने सरकार के खिलाफ नफरत और असंतोष भड़काने के लिए खुद ही भारत विरोधी नारे लगाए थे.'

इसमें कहा गया है कि एजेंसी ने जिन साक्ष्यों को शामिल किया है उनमें जेएनयू की उच्चस्तरीय कमेटी, जेएनयू के कुलसचिव भूपिंदर जुत्सी का बयान और मोबाइल फोन रिकार्डिंग (जिसमें कुमार को कार्यक्रम के रद्द होने को लेकर बहस करते सुना गया) शामिल है.

इसमें कहा गया है, 'कन्हैया ने उनसे (जुत्सी) से यह भी कहा कि इजाजत के बगैर भी कार्यक्रम करेंगे.' पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के बारे में कहा कि उन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए थे. चार्जशीट में कहा गया है कि कई वीडियो में उमर खालिद को नारे लगाते देखा गया है, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है. उसके मोबाइल फोन की लोकेशन का भी बतौर साक्ष्य इस्तेमाल किया गया.

रामा नागा के बारे में चार्जशीट में कहा गया है कि उसने आरएसएस के खिलाफ भाषण दिए थे. वहीं, इस मामले में करीब तीन साल बाद चार्जशीट दाखिल करने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस तरह के मामलों में आमतौर पर इतना वक्त लग जाता है, क्योंकि इसके तहत देश भर में जांच की गई और इसमें ढेर सारे रिकॉर्ड और सबूत शामिल थे.

पुलिस ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ 1200 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल करते हुए कहा कि वह परिसर में एक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे और उन पर फरवरी 2016 में विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारों का समर्थन करने का आरोप है.

बीजेपी सांसद महेश गिरि और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायतों के बाद इस सिलसिले में वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था.

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