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'कमल का पानी' सोखने पर तुले हैं झारखंड बीजेपी के 1 सांसद और 1 विधायक!

चुनावी साल में विपक्ष के साथ मुक़ाबले की तैयारी में जुटी बीजेपी के लिए उनकी पार्टी के ये दोनों नेता सिरदर्द साबित होने लगे हैं. लोकसभा में सभी 14 और विधानसभा में 81 मे 60 सीट जीतने की तैयारी में लगी बीजेपी इन दिनों विपक्ष के निशाने पर है

Updated On: Dec 02, 2018 09:20 AM IST

Brajesh Roy

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'कमल का पानी' सोखने पर तुले हैं झारखंड बीजेपी के 1 सांसद और 1 विधायक!

मी टू आरोप में घिरे एम जे अकबर से भले ही इस्तीफा ले लिया गया हो, लेकिन झारखंड में बीजेपी के एक सांसद और एक विधायक ने अपनी आंखों के साथ कमल का पानी भी सोख लिया है. दोनों माननीयों पर न केवल मी टू का आरोप लगा बल्कि पुलिस थाने में पीड़ितों ने मामला भी दर्ज करवा दिया. जब बीजेपी को लगने लगा कि अब पार्टी की इज्जत का कबाड़ा निकल जाएगा तब दोनो माननीयों को पार्टी ने शो कॉज नोटिस जारी किया.

बाघमारा के दबंग और मुख्यमंत्री के चहेते विधायक ढुलू महतो पर सबसे पहले उन्हीं की पार्टी और क्षेत्र की एक महिला नेत्री ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पुलिस थाना में केरोसिन तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया. इस घटना के बाद विधायक की भद्द पिट गई. कुछ ही दिन के बाद उसी क्षेत्र के यानी गिरिडीह के बीजेपी सांसद रवींद्र पांडेय के खिलाफ एक महिला ने यौन प्रताड़न का मामला ऑनलाइन दर्ज करवाया.

रवींद्र पांडेय

रवींद्र पांडेय

बीजेपी के चाल और चरित्र पर उठ रहे हैं सवाल

चुनावी साल में विपक्ष के साथ मुक़ाबले की तैयारी में जुटी बीजेपी के लिए उनकी पार्टी के ये दोनों नेता सिरदर्द साबित होने लगे हैं. लोकसभा में सभी 14 और विधानसभा में 81 मे 60 सीट जीतने की तैयारी में लगी बीजेपी इन दिनों विपक्ष के निशाने पर है. विपक्ष बीजेपी के चाल और चरित्र पर सवाल उठाते हुए खूब ढिंढोरा भी पीट रही है. कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए तंज कसा. दोनों माननीयों का नाम लेते हुए कांग्रेस के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार ने चटखारे लेते हुए बीजेपी के जुमले की बाट लगा दी. डॉ अजय कुमार कहते हैं, बीजेपी का नारा है. ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जो अब बदल गया है... अब नारा बना है- ‘बेटी पढ़ाओ लेकिन बीजेपी के नेताओं से बचाओ’

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कांग्रेस की तर्ज पर ही राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव बिनोद पांडेय ने बीजेपी के अंदरूनी चरित्र पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘ये चरित्र के गंदे लोग हैं अपने परिवार की बेटियों को भी नहीं छोड़ते. पार्टी एक परिवार है और उसमे निष्ठा से कार्य करने वाली महिला सदस्य अपने नेताओं पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाए तो जनता का भरोसा तो टूटेगा ही. इस मसले पर कांग्रेस और झामुमो के बयानों के तीर ही नहीं चले, आलम यह भी है कि चौक चौराहे पर अब चर्चा-ए-आम है ये कहानी.

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दोनों माननीय चल रहे हैं राजनीति की गंदी चाल

कभी एक दूसरे के साथ खड़े होकर जनता से बीजेपी के लिए वोट मांगने का काम किया करते थे सांसद रवींद्र पांडेय और विधायक ढुल्लु महतो. कोयले की कमाई साथ क्षेत्र में वर्चस्व लड़ाई इस हद तक बढ़ी कि दोनों ने अपनी पार्टी की आंख का पानी उतारने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. बड़ी बात यह है कि मी टू मामले में फंसे दोनों माननीयों ने एक दूसरे पर साजिश और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया. दरअसल बदरंग होती राजनीति की ये एक घिनौनी चाल है जो दोनों तरफ से खेला जा रहा है. अंदरखाने में चर्चा तो यह भी है कि एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए बीजेपी के दोनों नेताओं ने मर्यादाओं की सारी हदें तोड़ दीं. दरअसल कोयलांचल की राजनीति का सिरमौर बनने के साथ लोकसभा की सीट पर बैठने के लिए दोनों माननीयों के बीच पिछले ढाई साल से चल रही वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम फिलहाल इस मुकाम तक पहुंचा है.

सांसद से बड़े रसूखदार बन गए हैं विधायक

विधायक ढुल्लु महतो अपने क्षेत्र में दबंगई के लिए जाने जाते हैं. लोग जानते और मानते भी हैं कि बाघमारा कोल लिंकेज एरिया में चढ़ावा चढ़ाए बिना कोयले की ढुलाई संभव नहीं है. विधायक जी के एक इशारे पर उनके समर्थक कुछ भी कर गुजरने का मादा रखते हैं. स्थानीय पुलिस थाने में शिकायतों का पुलिंदा पड़ा रहता है. जानकारों की मानें तो प्रतिदिन चढ़ावे की रकम इतनी भारी भरकम हो जाती है कि सिर्फ एक हफ्ते के चढ़ावे की रकम से कोई भी चुनाव लड़ सकता है.

ढुल्लु महतो

ढुल्लु महतो

मसलन विधायक ढुल्लु की क्षेत्र में हमेशा जय-जय. दूसरी तरफ, इसी कोल एरिया में सांसद रवींद्र पांडेय के सैकड़ों डंपर कोयले की ढुलाई में दिन रात लगे रहते हैं. बेटे के नाम से डंपर चलाकर सालों से पांडेय जी ने खूब धन अर्जित करने का काम भी किया है. लगभग तीन साल पहले दूरियां बढ़नी शुरू हुई फिर देखते ही देखते बीजेपी के दोनों माननीय घर से सड़क तक एक दूसरे को झांकने लगे.

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अंदरखाने से चर्चा यह भी छनकर आ रही है कि बीजेपी पार्टी से जुड़ी जिस युवती ने विधायक ढुल्लु महतो पर यौन शोषण का आरोप लगाया है वो सांसद रवींद्र पांडेय के खेमे से है. उधर रवींद्र पांडेय पर जिस युवती ने यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया उसे भी पांडेय जी पहले से जानते रहे हैं. फिर, ढुल्लु अपनी पकड़ के मुक़ाबले में क्षेत्र से लेकर मुख्यमंत्री तक खासे मजबूत माने जाते हैं.

रवींद्र पांडेय के साथ ढुल्लू महतो

रवींद्र पांडेय के साथ ढुल्लु महतो

लोकसभा सीट पर है ढुल्लु की नजर

दोनों माननीय के बीच हालिया तकरार की बड़ी वजह है गिरिडीह लोकसभा की सीट. बुजुर्ग हो चले रवींद्र पांडेय के मुक़ाबले ढुल्लु महतो ने बीजेपी की इस सीट से लंबी छलांग लगाने की तैयारी कर रखी है. मुख्यमंत्री की निकटता का लाभ मिलने की पूरी उम्मीद भी है विधायक ढुल्लु महतो को. वैसे भी बीजेपी सूत्रों की मानें तो पार्टी झारखंड में अपने 12 लोकसभा सांसदों में से 6 चेहरों को बदलने का मूड बना चुकी है और उसमें एक नाम गिरिडीह के मौजूदा सांसद रवींद्र पांडेय का भी शामिल है. यही वजह है कि चुनावी साल में ढुल्लु पांडेय जी को हर मुहाने पर पटखनी देने को तैयार हैं. पांडेय जी भी ढुल्लु के मंसूबों को भांप चुके हैं तो काउंटर करने के हर रास्ते पर काम करना भी शुरू कर दिया है.

बीजेपी ने सबक के तौर पर लिया है इस मसले को...

बहरहाल बीजेपी की हो रही किरकिरी से पार्टी आहत नजर आ रही है और यही वजह है कि दोनों माननीय को नोटिस जारी कर पार्टी ने दूसरे नेताओं को भी एक संदेश देने का काम किया है. दिलचस्प पहलू तो ये भी है कि मुख्यमंत्री रघुबर दास और प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूरी बीजेपी  पार्टी इस बात को खूब जानती है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सांसद लक्ष्मण गिलुआ ने इस मसले पर मुख्यमंत्री रघुबर दास से अकेले में घंटा भर बात की फिर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पूरी हुई. पार्टी ने अपनी छवि को बचाने का काम तो किया है लेकिन सबकी निगाहें इसपर टिकी हैं कि मी टू आरोपों में घिरे बीजेपी के दोनों माननीय अपने बचाव में क्या पक्ष रखते हैं और एक दूसरे पर क्या कहते हैं? बावजूद इसके ये चर्चा तो चल ही पड़ी है कि बीजेपी के एक सांसद और एक विधायक कमल का पानी सोखने पर तुले हैं.

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