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JDU का रुख थोड़ा गरम-थोड़ा नरम, अमित शाह से मुलाकात के बाद बनेगी रणनीति

पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार के फिर से महागठबंधन के साथ जाने को लेकर अटकलें भी लगाई जा रही थीं, लेकिन, नीतीश कुमार ने फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगा दिया है

Updated On: Jul 08, 2018 06:45 PM IST

Amitesh Amitesh

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JDU का रुख थोड़ा गरम-थोड़ा नरम, अमित शाह से मुलाकात के बाद बनेगी रणनीति
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दिल्ली में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने साफ कर दिया कि बिहार में नीतीश कुमार ही एनडीए के सबसे बड़े नेता हैं. त्यागी ने कहा कि ‘लोकसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी पार्टी है और नरेंद्र मोदी उसके नेता हैं.’ लेकिन, बिहार के मुद्दे पर किए गए सवाल के जवाब में उनका कहना था कि ‘वहां नीतीश कुमार ही सबसे बड़े चेहरे हैं और अगला चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.’

के सी त्यागी के बयान से जेडीयू का रुख थोड़ा नरम और थोड़ा गरम दोनों लग रहा है. मतलब जेडीयू इंतजार के मूड में है. जेडीयू बीजेपी के जवाब का इंतजार कर रही है. पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद जेडीयू महासचिव के सी त्यागी ने साफ कर दिया कि बीजेपी बड़ी पार्टी है, लिहाजा सीट शेयरिंग के मुद्दे पर उधर से पहले प्रस्ताव आता है तो उस पर फिर चर्चा होगी.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 12 जुलाई को पटना में नीतीश कुमार से मुलाकात करने वाले हैं. अब यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है. लेकिन, इस मुलाकात के पहले ही जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को 2019 के लोकसभा चुनाव समेत हर राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है. इस फैसले के बाद अब सीधे पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार बीजेपी के साथ सीट शेयरिंग से लेकर गठबंधन के मुद्दे पर बेहिचक फैसला ले सकेंगे.

New Delhi: Bihar Chief Minister and JDU Chief Nitish Kumar, General Secretary K C Tyagi (L) and other leaders during party's 'National Executive' meet at party headquarters in New Delhi on Sunday, July 8, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI7_8_2018_000059B)

कैसे निकलेगा सीट शेयरिंग के मुद्दे का हल?

जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत के दौरान बताया कि ‘अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात तय हो गई है, इसका मतलब साफ है कि जेडीयू-बीजेपी के बीच रिश्तों और गठबंधन के हर पहलू पर इस दिन चर्चा होगी.'

जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, कार्यकारिणी की बैठक में सीट शेयरिंग के मुद्दे पर कोई चर्चा तो नहीं हुई, लेकिन, एक दिन पहले पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में जेडीयू ने तय किया है कि 'बिहार की 40 में से कम-से-कम 17 सीटों पर वो अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी.’ यानी बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में जेडीयू इन मुद्दों को उठाने की तैयारी में है.

दरअसल, जेडीयू की नाराजगी भी बीजेपी नेताओं के बड़बोलेपन को लेकर है. नीतीश कुमार बीजेपी के उन नेताओं के बयानों से नाराज हैं जो 2014 के संख्या बल को आधार मानकर 2019 में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को निकालने की बात करते हैं.

जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इशारों-इशारों में बीजेपी को सीट शेयरिंग के मुद्दे पर नसीहत दे दी. त्यागी ने कहा कि ‘2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन सबसे खराब रहा था जिसमें हम 2 सीटों पर जीतने में सफल रहे थे. इस चुनाव में हमें 17 फीसदी वोट मिला था. लेकिन, 2015 के विधानसभा चुनाव में 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना करने पर एनडीए के सीटों की संख्या घटकर 173 से 53 हो गई थी.’

त्यागी के बयान से साफ है कि वो बीजेपी को आईना दिखा रहे हैं. जेडीयू इसी बात को लेकर नाराज है. नीतीश कुमार को लगता है कि बीजेपी उन्हें खुलकर बिहार में काम भी नहीं करने दे रही है और आने वाले दिनों में चेहरे और सीट के मुद्दे पर भी उनके कद को छोटा करना चाहती है. नीतीश कुमार इस बात के लिए कभी भी राजी नहीं होंगे जिसका संकेत पार्टी कार्यकारिणी में अपने अध्यक्षीय भाषण में नीतीश ने दे दिया है.

पार्टी की तरफ से हर फैसले लेने के लिए अधिकार मिल जाने के बाद नीतीश कुमार ने एक बार फिर से अपने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है.

New Delhi: Bihar Chief Minister and JDU Chief Nitish Kumar garlanded by party workers as he arrives at party headquarters during National Executive meeting, in New Delhi on Sunday, July 8, 2018. (PTI Photo) (PTI7_8_2018_000063B) *** Local Caption ***

आरजेडी को भी दिखाया तेवर

पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार के फिर से महागठबंधन के साथ जाने को लेकर अटकलें भी लगाई जा रही थीं, लेकिन, नीतीश कुमार ने फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगा दिया है. पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में एक बार फिर से क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से समझौता नहीं करने की बात को नीतीश कुमार ने दोहराया है. के सी त्यागी ने इस बात को दोहराते हुए कहा कि करप्शन के मुद्दे पर ही हमने महागठबंधन का साथ छोड़ा था.

लेकिन, उनकी असली परेशानी कम्युनलिज्म के मुद्दे को लेकर है. नीतीश कुमार कम्युनलिज्म से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करने की बात करते हैं. फिर भी सहयोगी पार्टी बीजेपी के नेताओं के बयान उनके लिए मुसीबत बन जाते हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तरफ से नवादा में नीतीश सरकार पर हिंदूओं के उत्पीड़न का आरोप लगाना और जेल जाकर कानून-व्यवस्था खराब करने के आरोप में बंद वीएचपी और बजरंग दल के लोगों से मुलाकात करना नीतीश कुमार को रास नहीं आ रहा है.

नीतीश पहले भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं. जेडीयू के एक कार्यकारिणी सदस्य के मुताबिक ‘नीतीश कुमार ने गिरिराज सिंह के मुद्दे पर फिर से अपनी नाराजगी जताई. जेडीयू नेता के मुताबिक, उन्होंने कार्यकारिणी की बैठक में अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान कहा कि एक केंद्रीय मंत्री जेल जाकर इस तरह के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और ऐसा बयान दे रहे हैं. लेकिन, किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों के साथ नरमी नहीं बरती जाएगी.’

नीतीश ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ-साफ संदेश दे दिया कि हमें कुर्सी की चिंता नहीं है. हम इस तरह के लोगों की परवाह नहीं करते हैं, हम केवल काम करते हैं.

फिलहाल बीजेपी के साथ जेडीयू के रिश्तों में आई कड़वाहट थोड़ी कम हुई है. जेडीयू 2019 में और उसके आगे भी एनडीए में ही बने रहने की बात को दोहरा रही है. लेकिन, नीतीश को मजबूर मानकर सीट शेयरिंग के मुद्दे पर दबाव बनाने की कोशिश एनडीए में कभी भी बवाल बढ़ा सकती है.

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