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हरियाणा में आरक्षण को लेकर सरकार और जाट फिर होंगे आमने-सामने

जाटों के एक बड़े धड़े ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का बहिष्कार करते हुए उनकी किसी भी गांव में बैठक नहीं होने देने का ऐलान किया है

Updated On: Aug 16, 2018 10:22 AM IST

Bhasha

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हरियाणा में आरक्षण को लेकर सरकार और जाट फिर होंगे आमने-सामने
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की मांग फिर जोर पकड़ती दिख रही है. जाटों ने गुरुवार से प्रदेश के नौ जिलों में आंदोलन का ऐलान कर दिया है वहीं प्रदेश सरकार भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाने में जुटी रही. इसी दौरान हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रदेश के सभी पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. सीएम खट्टर ने किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने की चेतावनी दी है.

आरक्षण की मांग को लेकर तीसरी बार आंदोलन कर रहा जाट समुदाय एक बार फिर से आक्रामक हो गया है. जाटों ने दो दिन पहले रोहतक में बैठक करके 16 अगस्त से प्रदेश के रोहतक, झज्जर, सोनीपत, चरखी-दादरी, भिवानी, हिसार, कैथल,जींद और पानीपत में आंदोलन करने का ऐलान किया है.

अखिल भारतीय जाट आरक्षण समाति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की अगुआई में होने वाले इस आंदोलन से पहले जाटों के एक बड़े धड़े ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का बहिष्कार करते हुए उनकी किसी भी गांव में बैठक नहीं होने देने का ऐलान किया है.

जाटों ने सितंबर महीने में आंदोलन को बढ़ाते हुए छह अन्य जिलों में शुरू करने का ऐलान किया है. जाटों के इस ऐलान के बाद प्रदेश के गृह सचिव एसएस प्रसाद और पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने संवेदनशील जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की. सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं. जाट आरक्षण आंदोलन के चलते पुलिस विभाग में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. यही नहीं जाटों के ऐलान को गंभीरता से लेते हुए सोमवार की रात डीजीपी और गृह सचिव ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की सुरक्षा का रिव्यू करते हुए मंगलवार से उनकी सुरक्षा में भी बढ़ोतरी कर दी.

प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में एक रैली में जाट नेता यशपाल मलिक पर निशाना साधा है. सीएम खट्टर ने यशपाल मलिक को इशारों ही इशारों में समझाते हुए कहा कि हमारी खामोशी को वो कमजोरी ना समझें, मंत्रियों को चुनौती का जबाव देने के लिए हम तैयार बैठे हैं.

खट्टर ने कहा कि यशपाल मलिक राजनीतिक हाथों में खेल रहा है जिस पार्टी का प्रदेश में कोई वजूद नहीं है, उनके कहने पर यशपाल मलिक सरकार और मंत्रियों को निशाने पर ले रहे हैं. सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी को कानून हाथ में लेकर गलत हरकत करने का हक नहीं है. सीएम ने कहा कि जाटों को आरक्षण के लिए सरकार की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है. सरकार कानूनी प्रक्रिया के जरिये इस मामले को सुलझाने में जुटी हुई है.

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