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Article 35A का बचाव करना, यह मानना है कि जम्मू कश्मीर का भविष्य संविधान पर निर्भर है: उमर

नेशनल कांफ्रेंस के नेता अलगाववादी समूहों की हड़ताल का जिक्र कर रहे थे जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती के खिलाफ दो दिन के बंद का आह्वान किया है

Updated On: Aug 06, 2018 01:43 PM IST

Bhasha

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Article 35A का बचाव करना, यह मानना है कि जम्मू कश्मीर का भविष्य संविधान पर निर्भर है: उमर

 जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जो लोग अनुच्छेद 35 ए की हिमायत में सड़कों पर उतरे हैं वे एक तरह से यह मान रहे हैं कि राज्य का भविष्य भारत के संविधान पर निर्भर करता है.
सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर अनुच्छेद 35ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है जो जम्मू कश्मीर के स्थाई निवासियों को विशेष दर्जा देता है.

उमर ने टि्वटर पर कहा, ‘अनुच्छेद 35ए की हिमायत करना एक तरह से यह मानना है कि जम्मू कश्मीर का भविष्य भारत के संविधान पर निर्भर करता है अन्यथा इसे हटा दिया जाता या कमजोर कर दिया जाता तो यह कैसे मायने रखता.’

नेशनल कांफ्रेंस के नेता अलगाववादी समूहों की हड़ताल का जिक्र कर रहे थे जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती के खिलाफ दो दिन के बंद का आह्वान किया है.

27 अगस्त तक स्थगित हुई सुनवाई

वहीं इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त को होने वाली सुनवाई को स्थगित कर दिया गया है. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पीठ के तीन न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ के उपस्थित नहीं होने के कारण अनुच्छे 35 ए पर महत्वपूर्ण सुनवाई स्थगित की गई. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि अनुच्छेद 35 ए पर याचिकाओं की सुनवाई 27 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह में की जाएगी.

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