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J&K निकाय चुनाव: अपने एक बयान से सियासी पार्टियों के निशाने पर आए राज्यपाल

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पिछले दिनों एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, 'विदेश से पढ़ा-लिखा कोई नौजवान श्रीनगर का मेयर बनेगा'. राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले उनके इस बयान के लिए निशाना साधा है

Updated On: Oct 10, 2018 03:37 PM IST

FP Staff

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J&K निकाय चुनाव: अपने एक बयान से सियासी पार्टियों के निशाने पर आए राज्यपाल

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक निकाय चुनाव को लेकर की गई  एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं. उन्होंने हाल ही में एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में कहा था, 'विदेश से पढ़ा-लिखा कोई नौजवान श्रीनगर का मेयर बनेगा.'

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस ने राज्यपाल मलिक के बयान पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है. एनसी के प्रवक्ता आगा रोहूल्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव अभी चल ही रहे हैं लेकिन गवर्नर ने यह बयान देकर साबित कर दिया है कि चुनाव नतीजे पहले से 'तय' हैं.

इस हफ्ते के शुरुआत में एनडीटीवी के साथ बातचीत में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अनुचित चुनावों के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था, 'दोनों पार्टियां (नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी) को अफसोस है कि उन्होंने चुनावों में हिस्सा नहीं लिया. मेरी जानकारी के अनुसार श्रीनगर को एक नया महापौर मिल रहा है जो विदेश से पढ़ा हुआ युवा है. और यदि वो राजनीति में उभरता है तो दोनों पार्टियों में इससे बेचैनी बढ़ेगी.'

राज्यपाल ने यह भी कहा कि लड़के का नाम मट्टू (जुनैद अजीम मट्टू) है. वो काफी शिक्षित है. जिस दिन वो मेयर बनेगा, वो फारूक अब्दुल्ला से उस समय बेहतर होगा. उसे अधिक सम्मान मिलेगा.

'गवर्नर साहब ने सबकुछ अपने घर में तय कर लिया है. हमें निकाय चुनाव पर भरोसा नहीं है'

कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर गवर्नर सत्यपाल मलिक पर हमला बोला. राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीएन मोंगा ने कहा, उन्होंने यह कहकर कि विदेश से पढ़ा-लिखा एक उम्मीदवार श्रीनगर नगर निगम का मेयर बनेगा, निकाय चुनाव के नतीजे पहले ही तय कर दिए हैं. अब कोई इलेक्शन नहीं होगा क्योंकि उन्होंने नतीजे पहले ही घोषित कर दिए गए हैं. लोगों ने अपना वोट भी नहीं दिया है. लोग जानते भी नहीं हैं कि उनका उम्मीदवार कौन है. मगर उन्होंने यहां का मेयर कौन होगा इसका फैसला भी कर दिया है. गवर्नर साहब ने सबकुछ अपने घर में तय कर लिया है. हमें निकाय चुनाव पर भरोसा नहीं है.'

बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि राज्यपाल की यह टिप्पणी एक खास व्यक्ति के पक्ष में है. श्रीनगर के बनने वाले मेयर के बारे में नतीजों से पहले उनकी टिप्पणी चौंका देने वाली है. इससे राज्यपाल कार्यकाल की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा होता है.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 4 चरणों में निकाय चुनाव हो रहे हैं. इसमें पहला चरण 8 अक्टूबर को हो चुका है. दूसरा 10 अक्टूबर को हो रहा है. तीसरा 13 अक्टूबर को और चौथा और अंतिम चरण 16 अक्टूबर को होगा. चारों चरणों के चुनाव पूरे होने के बाद 20 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी.

राज्य में 13 साल बाद निकाय चुनाव हो रहे हैं.

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