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J&K: आर्टिकल 35A पर बोले राज्यपाल, बहस कराने का सही समय नहीं

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर ए़डिश्नल सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'आर्टिकल 35ए पर बहस या किसी तरह की चर्चा के गंभीर नतीजे हो सकते हैं'

Updated On: Sep 12, 2018 01:09 PM IST

FP Staff

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J&K: आर्टिकल 35A पर बोले राज्यपाल, बहस कराने का सही समय नहीं

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) से कहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है इसलिए वो आर्टिकल 35ए और आर्टिकल 370 पर कोई स्टैंड न लें.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल नियुक्त किए गए सत्यपाल मलिक इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों से लगातार बैठक कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर बीते 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर ए़डिश्नल सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि 'आर्टिकल 35ए पर बहस या किसी तरह की चर्चा के गंभीर नतीजे हो सकते हैं.'

उन्होंने कहा कि राज्य में यदि निकाय चुनाव तय समय पर नहीं करवाए गए तो केंद्र के तरफ से मिलने वाली 4000 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम पर असर पड़ सकता है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को अगले साल जनवरी तक के लिए टाल दी थी.

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) के पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में आगामी निकाय चुनाव और पंचायत चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की थी.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बीते 20 जून से राष्ट्रपति शासन लागू है. बीजेपी के पीडीपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेने के बाद यहां राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था.

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