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जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव: पहले चरण का मतदान खत्म

जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है

Updated On: Oct 08, 2018 05:24 PM IST

FP Staff

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जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव: पहले चरण का मतदान खत्म

जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो चुका है. पहले चरण में 11 जिलों में वोटिंग हुई. वोटिंग के चलते दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा सस्पेंड कर दी गई. चुनाव चार चरणों में होने हैं और प्रदेश में 13 साल बाद निकाय चुनाव हो रहे हैं.

जम्मू कश्मीर में पहले चरण का चुनाव खत्म हो चुका है.

जम्मू कश्मीर में दोपहर 1 बजे तक पहले चरण के चुनाव में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है.

जम्मू कश्मीर में सुबह 11 बजे तक पहले चरण के चुनाव में अनंतनाग में 5 फीसदी, बडगाम में 3 फीसदी, बांदीपोरा में 2 फीसदी, बारामुल्ला में 3 फीसदी, जम्मू में 34 फीसदी, कारगिल में 33 फीसदी, कुपवाड़ा में 18 फीसदी, लेह में 26 फीसदी, पूंछ में 47 फीसदी, राजौरी में 55 फीसदी और श्रीनगर में 3.50 फीसदी मतदान किया गया है.

पहले चरण के लिए प्रचार शनिवार सुबह खत्म हो गया. कश्मीर घाटी में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सुरक्षा बलों ने सुरक्षा जांच और गश्त बढ़ा दी है जिससे लोगों में मतदान को लेकर किसी तरह का डर न रहे. साथ ही चुनाव से पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को भी रविवार को नजरबंद कर दिया गया.

जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों समेत प्रदेश में कुल 1,145 वॉर्डों के लिए चार चरणों में होने वाले चुनाव के लिए 2,990 उम्मीदवार मैदान में हैं. जम्मू क्षेत्र से कुल 2,137 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि श्रीनगर से 787 उम्मीदवार और लद्दाख क्षेत्र से 66 उम्मीदवार मैदान में हैं. कश्मीर घाटी में 231 और जम्मू में 13 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं.

पहले चरण में करीब एक दर्जन जिलों के 422 वार्डों में मतदान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हुआ. पहले चरण में 1,283 उम्मीदवार मैदान में हैं. पहले चरण में जम्मू के 247 वार्ड, कश्मीर में 149 और लद्दाख के 26 वार्ड में चुनाव हो रहे हैं.

अलगाववादियों ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है. आतंकवादियों ने इन चुनावों में भाग लेने वाले लोगों को निशाना बनाने की धमकी दी है. जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय के पहले चरण के चुनाव से पहले तीन अलगाववादी नेताओं को नजरबंद किया गया है. इनमें मीरवाइज उमर फारूक के साथ जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी शामिल हैं.

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