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श्रीनगर: मजहबी और सियासत का केंद्र है नौहट्टा का जामा मस्जिद

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजी इस इलाके की पहचान बन चुकी है

Updated On: Aug 07, 2017 08:43 PM IST

Javeed Shah

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श्रीनगर: मजहबी और सियासत का केंद्र है नौहट्टा का जामा मस्जिद

श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित जामा मस्जिद शहर के आकर्षण का केंद्र है, इसे 1394 ई. में सुल्तान सिकंदर शाह कश्मीरी शाहमीरी ने बनवाया था. जबकि उनके बेटे जैनुल आबिदीन ने बाद में मस्जिद का बुर्ज बनवाकर इसकी खूबसूरती में चार चांद लगवा दिया.

इस मस्जिद का निर्माण फारसी शैली में किया गया है, हालांकि इसकी इमारत बौद्ध पगोडे की भी झलक देती है. श्रीनगर के ऐतिहासिक इलाके में स्थित यह मस्जिद नगरवासियों के लिए मजहबी और सियासी जीवन का केंद्र है.

श्रीनगर की जामा मस्जिद हाल के वर्षों में कश्मीर की राजनीति का गढ़ बन चुका है. खासकर कश्मीरी युवाओं और सुरक्षाबलों के बीच टकराव के लिए इस जगह का नाम अक्सर आता रहता है.

जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजी इलाके की पहचान बन चुकी है

जुमा यानी शुक्रवार की नमाज के बाद पत्थरबाजी इस इलाके की पहचान बन चुकी है. पिछले दो दशकों से कश्मीरी युवाओं और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों को लेकर ये इलाका युद्धक्षेत्र बना हुआ है. अब तो कुछ लोग इस इलाके को कश्मीर का गाजा भी कहने लगे हैं.

शुक्रवार को अगर कैमरामैन और पत्रकार मस्जिद के आसपास नजर आएं, तो पुलिस इसे नमाज के बाद कुछ गड़बड़ होने का संकेत मानती है. ऐसे में पुलिस सभी पत्रकारों को जबरन वहां से हटाने की कोेशिश करती है, क्योंकि उसे लगता है कि कैमरामैन की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों के हौसले बुलंद होंगे और उन्हें पत्थरबाजी के लिए प्रेरित करेंगे.

शुक्रवार की नमाज के बाद इलाके में पत्थरबाजी नौहट्टा पुलिस स्टेशन और सीआरपीएफ की टुकड़ियों के लिए सामान्य बात हो गई है. जैसे ही यहां पत्थरबाजी शुरू होती है, लोग बोल उठते हैं, 'वनडे मैच शुरू हो चुका है,' और इसके साथ ही कैमरामैन खुद को बचाने के लिए किसी सुरक्षित जगह की ओर दौड़ पड़ते हैं.हाल ही में एक पुलिसवाले-डीएसपी मोहम्मद अय्यूब पंडित की इसी मस्जिद के परिसर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

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श्रीनगर की ये जामा मस्जिद लंबे वक्त से मीर वाइज परिवार के लिए एक अहम मंच रहा है. शुक्रवार की नमाज के दौरान मीर वाइज उमर फारूक को जामा मस्जिद में उपदेश देते हुए देखा जा है. सरकार अब अक्सर मस्जिद में शुक्रवार की नमाज पर पाबंदी लगाती रहती है, क्योंकि नमाज के बाद पत्थरबाजी से स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने का खतरा बना रहता है.

बाहर होने वाली हिंसा के विपरीत जामा मस्जिद के अंदर का माहौल और साज-सज्जा बेहद शांतिपूर्ण और सुंदर है. जहां दूसरी कई देखने लायक चीजों के अलावा एक विशाल फव्वारा भी है, जो कि एक छोटे से हौज में बना है. आइए एक नजर डालते हैं श्रीनगर की जामा मस्जिद पर...

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