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जजों की आलोचना नहीं, उठाए गए मुद्दों पर करें विचारः यशवंत

सिन्हा ने कहा कि अगर चार सीनियर जज जनता के सामने आ गए, तो यह सुप्रीम कोर्ट का मसला रहा कहां

Updated On: Jan 13, 2018 03:09 PM IST

FP Staff

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जजों की आलोचना नहीं, उठाए गए मुद्दों पर करें विचारः यशवंत

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ खुलेआम आवाज बुलंद की. इस पूरे प्रकरण में पहले सीपीआई के नेता डी राजा जस्टिस चेलमेश्वर से मिलकर पहले ही अपना समर्थन जता चुके हैं. अब बीजेपी से नाराज चल रहे यशवंत सिन्हा ने अपना समर्थन जता दिया है.

यशवंत सिन्हा ने कहा कि 'इस मामले में हमें जजों की आलोचना करने के बजाए उन मुद्दों पर मंथन करना चाहिए, जो उन्होंने उठाए हैं. अगर चार सीनियर जज जनता के सामने आ गए, तो यह सुप्रीम कोर्ट का मसला रहा कहां? यह एक गंभीर मामला है. जिन्हें भी देश और लोकतंत्र के भविष्य की चिंता है, उन्हें गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. लोग डर की वजह से बोल नहीं रहे हैं.'

जस्टिस लोया की मौत से उठना चाहिए पर्दा 

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं यह नहीं कहता कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आगे जाकर कोई एक्शन लेना चाहिए. बल्कि मैं यह कहना चाहता हूं कि सरकार को लोकतंत्र की रक्षा में अपनी भूमिका का पालन गंभीरता से करना चाहिए.'

यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर शीर्ष अदालत समझौते पर चलती हैं तो लोकतंत्र को जोखिम में समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि चारों जज जिस ओर इशारा कर रहे हैं वह एकदम साफ और तेज सुनाई देने वाला है. उम्मीद करता हूं कि जज लोया की मौत से परदा उठेगा.

यह पहला मौका था जब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यायपालिका के हालात पर चिंता जताई. उनके इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका और सियासी गलियारे में हड़कंप सा मच गया. बीजेपी के सीनियर लीडर यशवंत सिन्हा ने चारों जजों के फैसले पर अपना पक्ष रखा है.

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