S M L

मुजफ्फरनगर दंगाः 'राजनीतिक दुश्मनी के कारण हुआ था बीजेपी नेताओं पर केस'

राज्य के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नेताओं पर दर्ज मामले को वापस लेना और राजनीतिक कारणों से दर्ज मामलों को वापस लेने के बीच अंतर है

Updated On: Feb 07, 2018 06:00 PM IST

FP Staff

0
मुजफ्फरनगर दंगाः 'राजनीतिक दुश्मनी के कारण हुआ था बीजेपी नेताओं पर केस'

मुजफ्फरनगर दंगों में नामित बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के फैसले पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. सरकार का कहना है कि इन लोगों के खिलाफ राजनीतिक दुश्मनी के कारण मामले दर्ज हुए थे.

राज्य के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नेताओं पर दर्ज मामले को वापस लेना और राजनीतिक कारणों से दर्ज मामलों को वापस लेने के बीच अंतर है. हम ऐसे सभी मामलों की जांच कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर दंगों में शामिल होने के आरोपी नेताओं से मुलाकात के बाद कानून मंत्री का यह बयान आया है. योगी ने सांसद संजीय बाल्यान, विधायक संगीत सोम, और सांसद भारतेंदु सिंह से मुलाकात की थी.

मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में नेताओं ने दंगों के मामले को वापस लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही थी. इस बैठक से पहले ही राज्य के कानून विभाग ने जनवरी में मुजफ्फरनगर डीएम को एक पत्र लिख कर बीजेपी के 10 वरिष्ठ नेताओं पर दर्ज मामलों के बारे में राय मांगी थी.

2013 में हुआ था दंगा 

2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों में 63 लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 50, 000 लोग बेघर हो गए थे. संगीत सोम और सुरेश राणा के खिलाफ एनएसए के तहत मामले दर्ज किए गए थे. संगीत सोम अभी विधायक हैं और राणा योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री. इन दोनों के अलावा बीजेपी एमपी संजीव बाल्यान, भारतेंदु सिंह, एमएलए उमेश मलिक और साध्वी प्राची के खिलाफ भी मामले दर्ज हुए थे.

इन नेताओं के खिलाफ अभी भी केस चल रहा है या कोर्ट में मामला लंबित है. सरकार के इस फैसले पर अंतिम निर्णय तो कोर्ट को ही करना है कि क्या इन पर दर्ज केस वापस होंगे या नहीं. नेताओं के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने के सरकार के फैसले का विपक्ष पुरजोर निंदा कर रहा है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi