S M L

एमसीडी चुनाव : बीजेपी के लिए आपसी गुटबाजी से निपटना सबसे बड़ी चुनौती

टिकट न मिलने से बौखलाए उम्मीदवारों तक ही सीमित नहीं हैं दिक्कतें

Updated On: Apr 07, 2017 11:28 AM IST

Amitesh Amitesh

0
एमसीडी चुनाव : बीजेपी के लिए आपसी गुटबाजी से निपटना सबसे बड़ी चुनौती

एमसीडी चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद सभी सियासी दल अपने-अपने हिसाब से आगे की रणनीति बनाने में लगे हुए हैं. बीजेपी के भीतर भी इस बार इस बात को लेकर हलचल है कि कैसे टिकट के उन दावेदारों को शांत किया जाए जो टिकट पाने से वंचित रह गए हैं.

लेकिन, ये परेशानी बीजेपी के भीतर केवल टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर करने वाले और बागियों तक ही सीमित नहीं है. नाराजगी बीजेपी के प्रदेश के कई सांसदों की तरफ से भी है.

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे के वक्त पार्टी अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी की बीजेपी के दूसरे सांसदों से जमकर बहस हो गई. सूत्रों के मुताबिक बाहरी दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा अपने क्षेत्र में कुछ मनपसंद उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाने से नाराज हो गए.

ये भी पढ़ें: 'संघ और बीजेपी की सफलता के मूल में राष्ट्रवाद'

प्रतिष्ठा का सवाल बन गया सीट बंटवारा

pravesh

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रवेश वर्मा ने तो यहां तक कह दिया कि उनके संसदीय क्षेत्र के पार्षदों को जिताने की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी और ऐसा नहीं हुआ तो वो सांसद के पद से इस्तीफा दे देंगे.

इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रवेश वर्मा से बहस के बाद उनकी बात मान ली और उनके मनपसंद उम्मीदवारों को ही टिकट थमा दिया.

ये भी पढ़ें: बीजेपी के टिकट बंटवारे में पदाधिकारियों की बल्ले-बल्ले

लेकिन, ये हाल केवल प्रवेश वर्मा का ही नहीं रहा. पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरी और दक्षिणी दिल्ली से बीजेपी सांसद रमेश विधुड़ी भी अपने संसदीय क्षेत्र में टिकटों के बांटे जाने के तरीके से नाराज दिखे. उनकी तरफ से भी अपने लोगों को टिकट दिए जाने की मांग की गई. इस पर पार्टी नेताओं के बीच बहस भी हुई है.

लेकिन, बीजेपी की तरफ से कहा जा रहा है कि ये बहस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने फ़र्स्टपोस्ट हिंदी से बातचीत के दौरान कहा कि जिस तरह से विवादों को प्रचारित किया जा रहा है वैसा नहीं है, लेकिन, इतना जरूर कहा जा सकता है कि कुछ सीटों पर बहस हुई कि आखिरकार किसे टिकट दिया जाए.

मनोज तिवारी इस तरह की बहस में कुछ भी गलत नहीं मानते. फिलहाल उनकी तरफ से तर्क तो यही दिया जा रहा है कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक है.

ये भी पढ़ें: टिकट बंटवारे पर घमासान खत्म तो बागियों पर माथापच्ची शुरू

बीजेपी के दिल्ली के सभी सांसदों में एकजुटता दिखाने के लिए एक साथ फेसबुक लाइव कराया गया. लेकिन, पार्टी के भीतर चल रही खींचतान टिकट बंटवारे के वक्त दिख ही गई है.

अब बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी, पार्टी के उन तमाम बागी उम्मीदवारों को साधने की, जो टिकट बंटवारे से नाराज दिख रहे हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi