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रोहिंग्या वापसी: UN मानवाधिकार परिषद् की आलोचना भारत ने की खारिज

भारत ने कहा है कि वह UNHRC द्वारा की गई इन टिप्पणियों से हैरान हैं

Updated On: Sep 13, 2017 06:30 PM IST

Bhasha

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रोहिंग्या वापसी: UN मानवाधिकार परिषद् की आलोचना भारत ने की खारिज

रोहिंग्या शरणार्थियों, जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार की हालत और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या जैसे मामलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग प्रमुख की आलोचना को भारत ने खारिज कर दिया.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने सोमवार को रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने के मुद्दे, धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को खतरे को लेकर भारत की आलोचना की थी. वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 36वें सत्र में बोल रहे थे.

संयुक्त राष्ट्र जेनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजीव के. चंदर ने कहा, 'हम मानवाधिकार उच्चायुक्त की ओर से की गई कुछ टिप्पणियों से हैरान हैं. यह उस आजादी और अधिकारों की गलत व्याख्या है, जो एक जीवंत लोकतंत्र की गारंटी है.'

गलत रिपोर्ट के आधार पर आया बयान: भारत

हुसैन की टिप्पणियों को खारिज करते हुए चंदर ने कहा कि चुनिंदा और गलत रिपोर्ट के आधार पर इस तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से किसी समाज में मानवाधिकार की बेहतर समझ नहीं पैदा होती है.

संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबिक भारत में करीब 40,000 रोहिंग्या हैं और इनमें से 16,000 लोगों को शरणार्थी का दस्तावेज मिला है.

चंदर ने कहा, 'सबका साथ, सबका विकास के हमारी सरकार के लक्ष्य से समावेशी विकास हासिल करने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है.'

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