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पटना सेक्स स्कैंडल: मुख्य आरोपी का सुराग देने पर दारोगा को अधिकारी ने लताड़ा

जांच से जुड़े एक पुलिस अफसर की मानें तो कांड बर्रे के छत्ते की तरह है जिसके भीतर हाथ डालने का साहस कोई जुटा नहीं पा रहा है

Updated On: Feb 28, 2017 05:38 PM IST

FP Staff

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पटना सेक्स स्कैंडल: मुख्य आरोपी का सुराग देने पर दारोगा को अधिकारी ने लताड़ा

बिहार के पूर्व मंत्री की नाबालिग बेटी के यौन शोषण और रेप मामले की जांच को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. जितने मुंह उतनी बातें कही जा रही हैं. सत्ता के गलियारे से ताल्लुक रखने वाले दिमागदार सरकारी मुलाजिमों का आकलन है कि इसको भी बॉबी सेक्स स्कैंडल की तरह सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा.

वो कहते हैं कि मामले में आरोपी कांग्रेसी नेता ब्रजेश पाण्डेय और पूर्व आईएएस के बेटे और ऑटोमोबाइल एजेंसी के मालिक निखिल प्रियदर्शी के अलावा और भी कई और ताकतवर लोगों ने पीड़ित लड़की का यौन शोषण किया है. ऐसे लोगों में कांग्रेस के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री का बेटा, राज्य में कार्यरत सुपरकॉप का बेटा तथा एक रिटायर्ड अध्यात्मिक मिजाज पुलिस अफसर की बिगड़ैल संतान भी शामिल हैं.

बर्रे के छत्ते की तरह है कांड

मामले की जांच कर रही एसआईटी से जुड़े एक पुलिस अफसर ने बताया यह कांड बर्रे के छत्ते की तरह है जिसके भीतर हाथ डालने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा है. नाबालिग पीड़ित लड़की दलित है. उसके पिता पूर्व मंत्री और दबंग कांग्रेस नेता माने जाते हैं फिर भी वो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है.

मामले का मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी ठाट से आजाद घूम रहा है. लेकिन पुलिस को उसपर हाथ डालने की हिम्मत नहीं हो पा रही है. 22 दिसंबर 2016 को एफआईआर दर्ज होने के कई दिनों बाद तक उसके मोबाइल का लोकेशन पटना में मिलता रहा.

बिहार पुलिस के एक दारोगा ने बताया कि 24 दिसंबर को निखिल पटना के एक प्रख्यात मॉल में सिनेमा का लुत्फ उठा रहा था जिसकी सूचना मैंने एक पुलिस अधिकारी को दी. उस अधिकारी ने मुझे बेरहमी से हड़काया कि ज्यादा स्मार्ट बनने की काशिश मत करो. अपना काम करो.

डीआईजी स्तर के एक ईमानदार अफसर का कहना है कि आरोपी निखिल और ब्रजेश पाण्डेय दिल्ली में हैं लेकिन कोई उन्हें छू नहीं सकता. वहीं, जांच से जुड़े एक डीएसपी स्तर के अफसर का कहना है कि एसआईटी की छानबीन जारी है. दबिश के कारण निखिल लगातार अपना लोकेशन बदल रहा है. कुछ दिन पहले तक उसका लोकेशन लखनऊ में मिला था. यूपी पुलिस के अधिकारियों को पत्र भेजकर उसकी गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी गई है.

सेफ पैसेज दिया जा रहा

अंदरखाने खबर है कि जांचकर्ताओं को डर है कि पकड़े जाने पर निखिल पुलिसिया पूछताछ को ज्यादा देर तक सह नहीं पाएगा और सारी पोल खोल देगा. इसलिए सोची-समझी रणनीति के तहत उसको सेफ पैसेज दिया जा रहा है.

सोमवार (27 फरवरी) को पॉस्को कोर्ट में निखिल और ब्रजेश की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई. अगली सुनवाई दो और तीन मार्च को होगी. एसआईटी प्रभारी ममता कल्याणी की तरफ से केस डायरी कोर्ट को सौंपी जा चुकी है. एफआईआर, केस डायरी तथा धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान और उसके माता-पिता के बयान और कुछ दूसरी लड़कियों के बयान का कोर्ट द्वारा अवलोकन किया जाएगा.

पुलिस महकमे में अंदरखाने चर्चा है कि रंगीन मिजाज वाले वर्दीधारी चाहते हैं कि दोनों आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल जाए. सोमवार को विधान परिषद में भी बीजेपी सदस्यों ने इस मुदे को जोर-शोर से उठाया और सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग की.

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