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वसुंधरा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से पूछा- कहां चाहते हैं अपने रिश्तेदारों की मनचाही पोस्टिंग

कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के इस कदम को हालिया उप-चुनावों में पार्टी की हार के बाद असंतुष्ट बीजेपी सदस्यों को लुभाने का एक बेशर्म तरीका बताया

Updated On: Feb 18, 2018 09:35 PM IST

FP Staff

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वसुंधरा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से पूछा- कहां चाहते हैं अपने रिश्तेदारों की मनचाही पोस्टिंग

राजस्थान में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में एक सरकारी पत्र ने बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया है. इस पत्र के माध्यम से वसुंधरा राजे सरकार पार्टी के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. दरअसल राज्य शिक्षा विभाग ने बीजेपी विधायकों और पार्टी के जिला अध्यक्षों को एक पत्र भेजा है. इसमें विभाग में काम करने वाले उनके रिश्तेदारों को उनके अनुकूल ट्रांसफर के लिए सिफारिश भेजने के लिए कहा गया है.

16 फरवरी की तारीख का ये पत्र प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी के कार्यालय से जारी किया गया है और इस पर राजस्थान एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेज के अधिकारी के हस्ताक्षर भी है. आधिकारिक रूप से लिखे गए इस पत्र में बीजेपी पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों या वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ताओं को संकेत देने के लिए कहा गया है कि वे अपने रिश्तेदारों की कहां पोस्टिंग चाहते हैं. इसके अलावा लेटर में परिवार के सदस्य के लिए आवेदन करने का फॉरमेट दिया गया है और बीजेपी विधायकों या जिला अध्यक्षों से इस एप्लीकेशन को ईमेल के द्वारा फॉरवर्ड करने के लिए कहा गया है.

कांग्रेस और शिक्षक संघ ने की आलोचना

कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के इस कदम को हालिया उप-चुनावों में पार्टी की हार के बाद असंतुष्ट बीजेपी सदस्यों को लुभाने का एक बेशर्म तरीका बताया. राजस्थान कांग्रेस आध्यक्ष सचित पायलट ने मीडिया को बताया कि हाल के उपचुनावों में मिली हार ने बीजेपी को चौंका दिया है इसलिए इस तरह से वो अपने कार्यकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. ये कदम असंवैधानिक है और उन्हें जल्द से जल्द इस कदम को वापस लेना चाहिए.

इसके अलावा राज्य के शिक्षक संघ ने भी इस पत्र की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को चिट्ठी लिख संघ ने इस पत्र को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए स्पेशल ट्रीटमेंट मान्य नहीं है और ये संविधान की अवहेलना है.

(साभार: न्यूज18 हिंदी)

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