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समाजवादी पार्टी के बाद दो और दलों ने कांग्रेस को बीएसपी का साथ देने की दी सलाह

चौटाला ने कहा, हम विपक्षी दलों को इकट्ठा कर रहे हैं. ताकि मायावती जी को अगला प्रधानमंत्री बनाया जा सके

Updated On: Oct 07, 2018 10:05 PM IST

FP Staff

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समाजवादी पार्टी के बाद दो और दलों ने कांग्रेस को बीएसपी का साथ देने की दी सलाह

2019 लोकसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने क्षेत्रीय दलों को 'महागथबंधन' में शामिल होने का निमंत्रण दिया था. ताकि महागठबंधन में विपक्षी दलों की कांग्रेस पर निर्भरता को खत्म किया जा सके. इसी कड़ी में शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीएसपी सुप्रीमो के सुर में सुर मिलाए.

इसी के साथ आईएनएलडी प्रमुख और जाट नेता ओम प्रकाश चोटाला भी विपक्ष की एकता के लिए मायावती को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता रहे हैं. जबकि आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने 2019 के चुनावों के लिए एकजुट विपक्ष की कवायत की है. साथ ही कांग्रेस को सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी सबसे ज्यादा योग्य है और उसे छोटे दलों का सम्मान करना चाहिए ताकि एक इंद्रधनुषी गठबंधन बनाया जा सके.

मायावती ने कांग्रेस पर महागठबंधन तोड़ने के लगाए थे आरोप

हालांकि मायावती ने 2019 के चुनावों के लिए कांग्रेस को फटकार लगाई और कहा कि वह अभी भी अपने अहंकार से चिपकी हुई है. बीएसपी प्रमुख ने कहा कि अभी भी कांग्रेस ने अपने तरीकों में कोई सुधार नहीं किया है. हाल ही में एक चुनावी भाषण में संकेत मिले थे कि आगामी 2019 लोकसभा चुनावों के पहले महागठबंधन टूट जाएगा. मायावती ने कहा था कि कांग्रेस बीएसपी को खत्म करने की साजिश रच रही थी और उसके नेता गठबंधन को खत्म कर रहे थे.

बीएसपी ने मध्य प्रदेश में अकेले लड़ने का किया था ऐलान

गौरतलब है कि बीएसपी प्रमुख पहले ही घोषणा कर चुकि हैं कि उनकी पार्टी ने मध्य प्रदेश और राजस्थान चुनावों में अकेले लड़ने का मन बना लिया है. इसके बाद शनिवार को अखिलेश यादव ने भी उनसे गठबंधन करने का संकेत दे दिया. उन्होंने कहा था कि एसपी अब मध्यप्रदेश में गठबंधन के फैसले पर कांग्रेस का और इंतजार नहीं करेगी. इसकी बजाय बीएसपी से गठबंधन पर विचार करेगी. अखिलेश ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन की भी बात कही.

वहीं चौटाला ने कहा, हम विपक्षी दलों को इकट्ठा कर रहे हैं. ताकि मायावती जी को अगला प्रधानमंत्री बनाया जा सके. इसी के साथ जाट नेता ने दावा किया कि अगर आईएनएलडी और बीएपी का गठबंधन होता है और वह हरयाणा में सत्ता में आते हैं. तो किसानों और कमजोर वर्गों का कर्ज माफ किया जाएगा.

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