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कोई 'दैवी शक्ति' ही दिलाएगी जीत, मंदिर-मंदिर माथा टेक रहे देवगौड़ा

देवगौड़ा और उनके बेटे नामांकन पत्र हाथ में लेकर कई मंदिरों के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि उन्हें भगवान की कृपा और आशीर्वाद मिले और चुनाव में उनकी जीत हो

FP Staff Updated On: Apr 19, 2018 03:52 PM IST

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कोई 'दैवी शक्ति' ही दिलाएगी जीत, मंदिर-मंदिर माथा टेक रहे देवगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के लिए सत्ता की राह अध्यात्म से होकर गुजरती है. तभी वे सियासी ताकत पाने के लिए राजनीतिक कोशिशों से ज्यादा ग्रह और नक्षत्रों में भरोसा करते हैं. गौड़ा ऐसा दावा भी करते हैं कि सत्ता पाने में इश्वरीय शक्ति ने हमेशा उनकी मदद की है.

जेडीएस सुप्रीमो देवगौड़ा के लिए यह चुनाव 'करो या मरो' जैसा है. कुछ इसीलिए कर्नाटक चुनाव से पहले वे अपने उम्मीदवारों से ज्यादा मंदिरों में माथा टेक रहे हैं. देवगौड़ा और उनके बड़े बेटे विधायक एचडी रेवन्ना दोनों ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं. दोनों नामांकन पत्र हाथ में लेकर कई मंदिरों के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि उन्हें भगवान की कृपा और आशीर्वाद मिले और चुनाव में उनकी जीत हो. बुधवार को 85 साल के पूर्व पीएम ने अपनी पत्नी चेन्नमा के साथ हेलिकॉप्टर से श्रृंगेरी मठ का दौरा किया. इस दौरान वे कुछ नामांकन पत्र साथ ले जाना नहीं भूले.

माथे पर चंदन, हाथ में नामांकन पत्र

मठ के प्रमुख श्री भारती थिरथा स्वामी से मुलाकात के बाद देवगौड़ा और उनकी पत्नी ने शारदा पीठ में विशेष पूजा की. साथ ही ईश्वर से प्रार्थना भी की कि जनता उनकी पार्टी को कांग्रेस या बीजेपी से ज्यादा वोट दे. इस दौरान देवगौड़ा के एक सहयोगी ने बताया, 'वह अपने बैग में नामांकन पत्र लेकर आए थे. इन्हें भगवान के चरणों के सामने रखा गया था. दोनों (देवगौड़ा और चेन्नमा) ने करीब एक घंटे तक प्रार्थना की. विशेष पूजा-पाठ भी कराई.

उनका मानना है कि जेडीएस के उम्मीदवार इतने मजबूत नहीं हैं कि अपने बलबूते जीत सके. इसके लिए ईश्वर की कृपा चाहिए. देवगौड़ा ईश्वर और चमत्कार में विश्वास करते हैं.'

News18 से बात करते हुए देवगौड़ा ने कहा कि वो भगवान और उनकी शक्तियों पर भरोसा करते हैं. उन्होंने कहा, 'इंसानों ने मुझे हमेशा निराश किया है. कई लोगों ने मेरे साथ धोखा किया. लेकिन, भगवान ने हमेशा मेरा साथ दिया. उन्होंने मुश्किलों से मुझे बचाया. हरदम मेरी रक्षा की. चुनाव में भी दैवी शक्ति हमारी और जेडीएस पार्टी का भला करेगी.'

गौड़ा के बड़े बेटे रेवन्ना नामांकन पत्रों को लेकर तिरुमाला हिल्स स्थित तिरुपति गए थे, ताकि भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद मिल सके. रेवन्ना तिरुपति से तमिलनाडु के पास स्थित श्रीरंगम भी जाएंगे. ये जगह भी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है.

वोटर नहीं, दैवी शक्ति पर भरोसा

News18 से बात करते हुए एचडी रेवन्ना ने कहा, 'दैवी शक्ति ही जेडीएस को कर्नाटक की सत्ता में वापस लाएगी. इसके बाद पृथ्वी की कोई भी शक्ति हमें हरा नहीं पाएगी.' कर्नाटक में 12 मई को वोटिंग होगी. 15 मई को वोटों की गिनती होगी. उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे. इस दिन अमावस्या पड़ रही है. राज्य में शनिवार और मंगलवार को अपशकुन माना जाता है.

ऐसे में ग्रह-नक्षत्रों की चाल पर भरोसा करने वाली देवगौड़ा का परिवार अपशकुन और अशुभ प्रभावों को रोकने के लिए पूजा-पाठ कर रहा है. जेडीएस के कुछ नेताओं के मुताबिक, देवगौड़ा परिवार ने कुछ प्रत्याशियों की कुंडली भी मशहूर ज्योतिषाचार्यों के पास भेजी है. ताकि, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनके प्रभावों के बारे में जाना जा सके.

(न्यूज 18 के लिए डीपी सतीश की रिपोर्ट)

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