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बीएचयू में लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव जैसी कोई बात नहीं: जावड़ेकर

कांग्रेस सांसद राजीव सातव ने लोकसभा में शिक्षण संस्थानों में छात्राओं से हो रहे भेदभाव संबंधी प्रश्न पूछा

Bhasha Updated On: Mar 27, 2017 06:35 PM IST

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बीएचयू में लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव जैसी कोई बात नहीं: जावड़ेकर

लोकसभा में सोमवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में कथित लैंगिक भेदभाव के आरोप का मामला उठने के बाद सरकार ने कहा कि, बीएचयू में किसी चीज पर कोई पाबंदी या भेदभाव नहीं है.

कांग्रेस के राजीव सातव ने शिक्षण संस्थाओं के मूल्यांकन के संबंध में प्रश्न के दौरान पूरक प्रश्न में इस विषय को उठाया. उन्होंने कहा कि क्या रैंकिंग के मानदंडों में लैंगिक समानता भी एक मानदंड है.

उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से बीएचयू में छात्राओं के साथ भेदभाव हो रहा है. उन्हें समान भोजन नहीं मिल रहा. मोबाइल के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जा रही. तो क्या सरकार ने लैंगिक समानता को मानदंडों में रखा है?’

प्रश्न के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘हमने बीएचयू से जानकारी ली है. ऐसा कोई भी बंधन या भेदभाव वहां नहीं है.’

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