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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की कितनी सैलरी, क्या होंगी सुविधाएं.. जानिए सबकुछ

राष्ट्रपति जहां रहने के लिए गए हैं वो अंग्रेजों द्वारा भारत के वायसराय के लिए बनवाया गया था

Manish Kumar Manish Kumar Updated On: Jul 25, 2017 06:14 PM IST

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की कितनी सैलरी, क्या होंगी सुविधाएं.. जानिए सबकुछ

रामनाथ कोविंद देश के चौदहवें राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ले चुके हैं. देश के प्रथम नागरिक के तौर पर 25 जुलाई, 2017 से लेकर अगले पांच साल तक उनका पता देश और दिल्ली के सबसे वीआईपी इलाके का होगा. विशाल 330 एकड़ में फैले 750 से ज्यादा कर्मचारियों वाले आलीशान राष्ट्रपति भवन में वो रहेंगे.

कोविंद जहां रहने के लिए गए हैं वो अंग्रेजों द्वारा भारत के वायसराय के लिए बनवाया गया था, आजादी के बाद से अब यह देश के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है. जिसे पूरा देश और दुनिया राष्ट्रपति भवन के नाम से जानती है.

वर्तमान में राष्ट्रपति को डेढ़ लाख रुपए वेतन मिलता है. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में राष्‍ट्रपति के वेतन में 200 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्‍ताव किया गया है. इस प्रस्‍ताव के तहत राष्‍ट्रपति का वेतन पांच लाख रुपये महीने होने का अनुमान है. इससे पहले 2008 में राष्‍ट्रपति के वेतन में वृद्धि हुई थी. तब इसे 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए प्रति माह किया गया था.

राष्‍ट्रपति के वेतन में 200 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला उस समय लिया गया जब सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद कैबिनेट सेक्रेटरी का वेतन राष्ट्रपति से भी ज्‍यादा हो गया. नई व्‍यवस्‍था के तहत केवल राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि उप-राष्ट्रपति और राज्यपालों की सैलरी में भी बढ़ोतरी का प्रस्‍ताव मंजूर किया गया है.

सैलरी के अलावा, भारत के राष्ट्रपति को जीवन भर के लिए मुफ्त चिकित्सा, आवास की सुविधा दी जाती है. सरकार पद पर रहते हुए उनके लिए अतिरिक्त स्टाफ, खाना और मेहमान नवाजी जैसे अन्य खर्चों पर प्रति वर्ष साढ़े बाइस करोड़ रूपए से अधिक खर्च करती है.

President-House

राष्ट्रपति को बुलेटप्रूफ मर्सिडीज लिमोजिन के अलावा दो लैंडलाइन कनेक्शन, मोबाइल फोन, पांच पर्सनल स्टाफ, एक निजी सचिव की भी सुविधा मिलती है. उन्हें ट्रेन और हवाई सफर की भी सुविधा मिलती है. देश के राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन में 200 से ज्यादा सहायक मिलते हैं. इसके अलावा उनकी सुरक्षा के लिए आधुनिक हथियारों से लैस अलग से पूरा दस्ता मौजूद रहता है.

राष्ट्रपति भवन की क्या है कहानी ?

खास तरह के लाल पत्थरों से बने भव्य राष्ट्रपति भवन का निर्माण 1913 में शुरू हुआ था. इसे बनाने में 23 हजार से ज्यादा मजदूर लगे थे. यह लगभग सत्रह साल में बनकर तैयार हुआ था. चार मंजिल वाले राष्ट्रपति भवन में कुल 340 कमरे हैं, जिसमें 63 बेडरूम और 63 लिविंग रूम है. इस भवन में 35 गैलरी और कॉरिडोर हैं, जो कई कमरों से जुड़ा हुआ है. सबसे लंबे कॉरिडोर की बात करें तो यह लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा है.

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