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हिमाचल चुनाव 2017: फतेहपुर सीट- बागियों से कैसे जीतेगी बीजेपी, सामने हैं कद्दावर सुजान सिंह

बीजेपी की तरफ से इस सीट पर पूर्व राज्यसभा सांसद कृपाल परमार हैं. वहीं इस सीट के लिए कांग्रेस की तरफ से कद्दावर नेता और राज्य सरकार में मंत्री सुजान सिंह मैदान में हैं

Updated On: Oct 29, 2017 11:03 PM IST

FP Staff

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हिमाचल चुनाव 2017: फतेहपुर सीट- बागियों से कैसे जीतेगी बीजेपी, सामने हैं कद्दावर सुजान सिंह

हिमाचल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए पूरी मेहनत कर रही हैं. एक तरफ बीजेपी-कांग्रेस को अपने बागियों से भी खुली चुनौती मिल रही है. वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दिग्गज नेताओं के लिए अपनी सीट बचाने की भी चुनौती है

एक ऐसी ही सीट हिमाचल की फतेहरपुर है. बीजेपी की तरफ से इस सीट पर पूर्व राज्यसभा सांसद कृपाल परमार हैं. वहीं इस सीट के लिए कांग्रेस की तरफ से कद्दावर नेता और राज्य सरकार में मंत्री सुजान सिंह मैदान में हैं.

अब बात करें पार्टी की तो फतेहपुर बीजेपी मंडल ने परमार की टिकट का विरोध करना भी शुरू कर दिया है. एक तरफ कांग्रेस की तरफ से राज्य सरकार में ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह जैसे दिग्गज नेता मैदान में हैं. वहीं दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं की कृपाल परमार से नाराजगी पार्टी को भारी भी पड़ सकती है. परमार से कार्यकर्ताओं की मुख्य वजह हाईकमान का फैसला भी है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने ऐन वक्त पर अपना फैसला बदला है.

अब बात करते हैं 2012 विधानसभा चुनाव की. इस सीट से 2012 में कांग्रेस उम्मीदवार सुजान सिंह पठानिया की जीत हासिल की थी. सुजान को कुल 18,662 वोट मिले थे. दूसरा स्थान पाने वाले बीजेपी उम्मीदवार बलदेव ठाकुर को 11,445 वोट मिले थे. इस बार भी फतेहपुर के स्थानीय कार्यकर्ता बलदेव ठाकुर को टिकट देने की मांग कर रहे हैं. 2012 में प्रतिशत की बात करें तो सुजान सिंह को 36.67 प्रतिशत वोट मिले थे.

इस बार बीजेपी के उम्मीदवार कृपाल सिंह परमार को बागी बलदेव ठाकुर से सामना करना पड़ सकता है. बीजेपी से टिकट नहीं मिलने की नाराजगी में बलदेव ठाकुर बागी हो गए थे. वहीं स्थानीय कार्यकर्ता भी बलदेव ठाकुर के नाम का समर्थन कर रहे हैं.

मंत्री जी की तेजी से बढ़ी संपत्ति

फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार व हिमाचल सरकार में ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया की अचल संपत्ति पांच साल में तीन गुना बढ़ गई. साल 2012 के चुनाव के समय उनकी अचल संपत्ति 06,08,74,898 थी.

अब अचल संपत्ति 18,60,65,617 रुपए हो गई है. इसमें पत्नी के नाम 17,55,46,717 जबकि उनके नाम सिर्फ 1,05,18,920 रुपए हैं. चल संपत्ति में भी लगभग 14 लाख रुपए की बढ़ोतरी हुई है.

यह भी पढ़ें: हिमाचल चुनाव 2017: ज्वाली सीट पर बीजेपी ने पुराने पर खेला दांव तो कांग्रेस ने उतारा नया चेहरा

इस मुद्दे को भी बीजेपी इस चुनाव में भुनाने की पूरी कोशिश करेगी. इस बार पार्टी मोदी कार्ड खेलने के लिए भी पूरी तरह तैयार है.

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