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हिमाचल चुनाव 2017: कांग्रेस की अंतिम सूची परिवारवाद पर मुहर लगाती है

जिन सीटों पर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के बेटों को टिकट दिए गए हैं वहां उन्हें जीत दिलाने और अपनी प्रतिष्ठा बचाए रखने के लिए इन नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी

Matul Saxena Updated On: Oct 23, 2017 12:40 PM IST

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हिमाचल चुनाव 2017: कांग्रेस की अंतिम सूची परिवारवाद पर मुहर लगाती है

हिमाचल प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपनी शेष बची 9 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करके कांग्रेस हाईकमान ने राजनीति में परिवारवाद पर अपनी मुहर लगा दी है.

परिवारवाद के मुद्दे को मुख्य विपक्षी दल बीजेपी अपना चुनावी मुद्दा बनाए या नहीं. लेकिन इतना तय है कि जिन स्थानों पर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के बेटों को टिकट दिए गए हैं वहां उन्हें विजयश्री दिलाने के लिए और अपनी प्रतिष्ठा बचाए रखने के लिए इन नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी.

रविवार को जारी सूची में मनाली, कुल्लू, शाहपुर, पालमपुर, शिमला (सदर), मंडी, कुटलैहड़, ठियोग की सीट पर प्रत्याशी बदला गया है. कांग्रेस के प्रमुख कद्दावर नेताओं में प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के चुनाव अभियान के सर्वेसर्वा वीरभद्र सिंह हैं जिनके बेटे विक्रमादित्य सिंह को शिमला सदर से टिकट दिया गया है.

साल 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से वीरभद्र सिंह स्वयं चुनाव लड़े थे और उन्हें 71.47 फीसदी वोट मिले थे. इस बार वीरभद्र सिंह ने अपने लिए सोलन जिले की अर्की विधानसभा क्षेत्र को चुना है. और अपने बेटे को उन्होंने अपनी जगह शिमला ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है. इस सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद शर्मा हैं जिन्होंने पिछले कुछ अर्से से शिमला में अपनी विशेष पहचान बनाई है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच यहां मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है. प्रमोद शर्मा हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं. वो इससे पहले भी तीन बार विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं.

virbhadra singh

वीरभद्र सिंह ने अपनी परंपरागत शिमला (सदर) सीट इस बार अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ दी है

अंतिम लिस्ट में नेताओं के बेटे-बेटियों को बांटे गए टिकट

मंडी की प्रत्याशी चंपा ठाकुर एक अन्य कांग्रेसी नेता कौल सिंह ठाकुर की बेटी हैं. कौल सिंह ठाकुर खुद भी द्रंग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. मंडी विधानसभा सीट पर अब तक सुखराम के बेटे अनिल शर्मा कांग्रेस के उम्मीदवार होते थे लेकिन पिछले दिनों उन्होंने अपने परिवार के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया. अनिल शर्मा बॉलीवुड स्टार सलमान खान की बहन अर्पिता के ससुर हैं. सलमान खान ने उनके चुनाव में रोड शो के लिए आने का वादा किया है. अनिल शर्मा को 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 43 फीसदी वोट मिले थे.

इसी प्रकार पालमपुर की सीट से वर्तमान स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल के बेटे आशीष बुटेल को इस बार कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है. पालमपुर की सीट पर बुटेल परिवार के ही गोकुल बुटेल टिकट के तगड़े दावेदार थे. वो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आईटी सलाहकार थे. इसके अतिरिक्त कुटलैहड़ से कांग्रेसी नेता रामनाथ शर्मा के बेटे विवेक शर्मा को टिकट दिया गया है. इस सूची में आनी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी बदले जाने की भी सूचना है. लिस्ट में कांगड़ा जिले के शाहपुर सीट की भी घोषणा की गई है जहां से कांग्रेस के मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने विधानसभा चुनाव की आहट होते ही कांग्रेस से बगावत कर दी थी. शाहपुर सीट पर बीजेपी की महिला नेता सरवीण चौधरी ने वर्ष 2012 में चुनाव जीता था.

इस सूची के जारी होने के बाद कांग्रेस अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है. दोनों ही राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवार सोमवार को अपना नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी कर चुनावी संग्राम में कूद पड़ेंगे.

हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों के लिए 9 नवंबर को चुनाव होना है. 23 अक्टूबर को नामांकन भरने की अंतिम तारीख है. इसके अगले दिन यानी 24 अक्टूबर को उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी.

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