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धरोहर विशेषज्ञों को रामनाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में और बदलाव की उम्मीद

90 साल पुराने राष्ट्रपति भवन की इमारत के कुछ हिस्सों में अलग-अलग राष्ट्रपतियों के समय में बदलाव किए गए थे

Bhasha Updated On: Jul 30, 2017 07:45 PM IST

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धरोहर विशेषज्ञों को रामनाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में और बदलाव की उम्मीद

धरोहरों का संरक्षण करने वालों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पूर्ववर्तियों की तरह प्राचीन और ऐतिहासिक राष्ट्रपति भवन में कुछ बदलाव करेंगे.

विरासत विशेषज्ञों ने ओपन सेशन (खुले सत्र) के जरिए लोगों की ज्यादा पहुंच हो इसके लिए राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत की मरम्मत से लेकर भवन में बदलाव करने की इच्छा समेत कोविंद के लिए लंबी सूची तैयार कर रखी है.

दिल्ली के दिल में बसे 90 साल पुराने राष्ट्रपति भवन की इमारत के कुछ हिस्सों में पिछले राष्ट्रपतियों ने अपने समय के दौरान बदलाव किए थे.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान इमारत की वास्तुकला भव्यता को बढ़ाने पर ध्यान लगाया था. जबकि, एपीजे अब्दुल कलाम ने 330 एकड़ में फैले प्रेजीडेंट एस्टेट के बगीचे की शान शौकत में जड़ी बूटी का एक उद्यान लगवाया.

संरक्षणवादी स्वप्ना लिडल ने उम्मीद जताई कि नए राष्ट्रपति कला और सांस्कृतिक विरासत के लिए भारतीय राष्ट्रीय न्यास (आईएनटीएसीएच) द्वारा प्रस्तावित मुख्य इमारत की मरम्मत पर विचार करेंगे.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सलामी लेते हुए (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फोटो: पीटीआई)

भवन की मुख्य इमारत की मरम्मत का प्रस्ताव  

आईएनटीएसीएच की दिल्ली चैप्टर की संयोजक लिडर ने कहा, ‘आईएनटीएसीएच ने अलग-अलग परियोजनाओं के जरिए प्रेजीडेंट एस्टेट की मरम्मत पर काम किया, कुछ पूरी हुई, कुछ पर काम चल रहा है. अब हमने भवन की मुख्य इमारत की मरम्मत का प्रस्ताव दिया है.’

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुखर्जी के आखिरी समारोह में आईएनटीएसीएच द्वारा तैयार ‘संरक्षण प्रबंधन योजना’ उन्हें सौंपी गई थी.

वास्तुशिल्प और शहरी योजनाकार एजीके मेनन ने कहा, ‘विरासत को लेकर उनकी दृष्टि काफी फैली हुई थी. वह भवन में हो रहे या प्रस्तावित हर मरम्मत परियोजना में रूचि रखते थे और उसको लेकर उत्साहित रहते थे.’

दिल्ली के ही विरासत कार्यकर्ता विक्रमजीत सिंह रूपराय ने कहा कि मुखर्जी और कलाम दोनों ने देश के प्रथम निवास तक आम लोगों की ज्यादा पहुंच बनाई.

रायसीना हिल स्थित राष्ट्रपति भवन की इमारत को ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लैंडसीर लुटियंस ने वायसराय हाउस के रूप में बनाया था. आजादी के बाद 1950 राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान बना.

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