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कर्नाटक में नहीं लागू होगा 'रोटेशनल सीएम' का फॉर्मूला: कुमारस्वामी

कुमारस्वामी सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं, जहां वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे

FP Staff Updated On: May 20, 2018 03:37 PM IST

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कर्नाटक में नहीं लागू होगा 'रोटेशनल सीएम' का फॉर्मूला: कुमारस्वामी

बुधवार को कर्नाटक के सीएम के रूप में शपथ लेने से पहले जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने साफ किया है कि राज्य में 'रोटेशनल सीएम' नहीं होगा. यानी कांग्रेस और जेडीएस के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर अदला-बदली नहीं होगी और इस गठबंधन सरकार में कुमारस्वामी ही सीएम बने रहेंगे. जेडीएस नेता ने यह बयान एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में दिया है.

कुमारस्वामी का यह बयान सोमवार को उनकी राहुल गांधी और सोनिया गांधी से होने वाली मुलाकात से पहले आई है. कुमारस्वामी ने कहा कि वो सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं, जहां वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे. ऐसी संभावना है कि इस मुलाकात में ही जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन के स्वरूप पर बातचीत होगी और कुमारस्वामी सोनिया और राहुल गांधी को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित भी करेंगे.

राहुल करेंगे गठबंधन के स्वरूप पर फैसला

कुमारस्वामी से मुलाकात से पहले सोमवार को ही कांग्रेस इस बारे में फैसला करेगी कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में बनने जा रही सरकार में उसकी साझेदारी किस प्रकार की होगी. सूत्रों ने कहा कि पार्टी के दो वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और गुलाम नबी आजाद सोमवार सुबह दिल्ली लौट रहे हैं जिसके बाद वे कर्नाटक की सत्ता में साझेदारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ चर्चा करेंगे.

एक सूत्र ने कहा कि राहुल गांधी के साथ बैठक में पार्टी नेता यह फैसला करेंगे कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस के कुल कितने मंत्री होंगे. माना जा रहा है कि कांग्रेस कोटे से कोई एक नेता उप मुख्यमंत्री बनेगा और इसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है.

कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के तहत रोटेशनल सीएम के कयास तब लगाए जाने लगे, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह बयान दिया था कि पार्टी 'लेन-देन' (give and take) की उम्मीद कर रही है. खड़गे ने एएनआई को कहा था कि इस बारे में हाईकमान फैसला लेंगे. हमने राष्ट्रीय पार्टी होते हुए भी संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेडीएस जैसी रीजनल पार्टी का समर्थन किया. सबकुछ को ध्यान में रखते हुए 'give and take' समीकरण के संभावना उम्मीद कर रहे हैं.

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