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बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड का जवाब है राहुल गांधी का सॉफ्ट हिंदुत्व

कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लग रहा है कि बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के दांव का जवाब सॉफ्ट हिंदुत्व है

Mojiz Imam Updated On: Dec 13, 2017 10:03 AM IST

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बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड का जवाब है राहुल गांधी का सॉफ्ट हिंदुत्व

गुजरात चुनाव में राहुल गांधी नए अंदाज में दिखाई दिए. अहमदाबाद में राहुल गांधी ने जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए. राहुल गांधी ने गले में रुद्राक्ष की माला भी डाल रखी थी. पूरे गुजरात के चुनाव में राहुल गांधी ने 27 मंदिरों का दर्शन किया. कांग्रेस पहले ही राहुल गांधी को शिवभक्त घोषित कर चुकी है. राहुल गांधी को हिंदू साबित करने का अभियान सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं है.

कांग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित हो जाने के बाद राहुल गांधी हिंदू धर्म से जुड़े तीर्थ स्थलों मे जाएंगे. सूत्र बता रहे हैं कि राहुल गांधी मकर संक्राति के बाद संगम में डुबकी लगाने जा सकते हैं. इसके अलावा ऐन लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी 2019 में अर्द्ध कुंभ में राहुल गांधी को ले जाने की तैयारी चल रही है. हालांकि कुंभ का मेला बीजेपी और कांग्रेस के बीच फ्लैश पॉइंट रहेगा.

यूपी की बीजेपी सरकार ने कुंभ प्राधिकरण बनाकर नया दांव चला है. कांग्रेस को भी लग रहा है कि हिंदुत्व के मामले में बीजेपी के साथ कम्पटीशन करना पड़ेगा. गुजरात में राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में जाकर दर्शन किए. बीजेपी ने राहुल की टीम की एक गलती पकड़ कर सीधे वार किया. जवाब में काग्रेस डिफेंसिव हो गई. राहुल गांधी को शिव का भक्त बताया गया. यही नहीं राहुल गांधी के जनेऊ पहने हुए फोटो भी जारी किए गए.

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राहुल गांधी के परिवार से करीबी रखने वाले कुछ लोगों ने पंडित राहुल गांधी के पोस्टर भी लगाए. जाहिर है कि हिंदुत्व के मामले मे कांग्रेस हताश है. प्रधानमंत्री के दांव की काट में कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व के ब्रांड पर चलने वाली है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव में फायदा उठाने के लिए मंदिर जा रहे हैं. जिसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, 'जहां मौका मिलता है वहां मदिर जाता हूं, मैं केदारनाथ भी गया था क्या वो गुजरात में है.'

राहुल की केदारनाथ यात्रा

अगस्त 2015 में राहुल गांधी ने केदार नाथ की यात्रा पर गए. उनके साथ कांग्रेस के नेता जितिन प्रसाद के अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत भी साथ थे. राहुल गांधी ने तकरीबन 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की और मंदिर के कपाट भी उनके सामने खोले गए. इस यात्रा के लिए कांग्रेस ने काफी मेहनत भी की. माना गया कि राहुल गांधी की इमेज को सुधारने की कोशिश की जा रही है.

rahul gandhi

इससे पहले उत्तराखंड में आई भीषण तबाही के दौरान भी राहुल गांधी ने राज्य का दौरा किया था. हालांकि अमेठी में राहुल गांधी के करीबी और कांग्रेस के एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा गौरीगंज में दुर्गा भवानी के मंदिर में दर्शन करने आते रहे हैं. इस मंदिर को टूरिस्ट स्पॉट बनवाने में राहुल गांधी ने अहम काम किया है. इसके अलावा सलोन के वन देवी मंदिर और तीतर माफी के आश्रम में राहुल जाते रहे हैं.

2014 की हार एक वजह

2014 के आम चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली. कांग्रेस लोकसभा में 44 सीट पर पहुंच गई. कांग्रेस के लिए निराशाजनक माहौल था. वजह कई थीं जिसमें करप्शन के अलावा बीजेपी ये प्रचारित करने में सफल रही कि केंद्र में एक कमजोर सरकार है. लेकिन मोदी की हिंदूवादी इमेज का बीजेपी को फायदा हुआ. कांग्रेस ने एके एंटोनी की अगुवाई में कमेटी बनाई जिसने कहा कि ज्यादा अल्पसंख्यकवाद करने की वजह से कांग्रेस को चुनाव में नुकसान हुआ.

कांग्रेस ने ये बयान भी एंटोनी से दिलवाया जो खुद एक अल्पसंख्यक तबके से आते हैं. इसके बाद कांग्रेस कोर्स करेक्शन करने में लग गई. हालांकि इसका भी फायदा कांग्रेस को बहुत नहीं मिला. लेकिन पंजाब की बात छोड़ दें तो कांग्रेस किसी भी बड़े राज्य का चुनाव नहीं जीत पाई, लेकिन पंजाब में फैक्टर दूसरा था.

कांग्रेस के भीतर नहीं है एक राय

राहुल गांधी के अग्रेसिव हिंदुत्व के प्रयोग से कांग्रेस के कई लोग इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं. कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि गुजरात में भी मोदी के विकास की जगह हिंदुत्व के जाल में फंसना ठीक नहीं था. कांग्रेस की यूएसपी सेकुलरवाद के अलावा सबको साथ लेकर चलने की है. विकास के नाम पर मोदी से सवाल करने की जगह कांग्रेस अपने बचाव में दिखाई देने लगी.

पार्टी को ये साबित करना पड़ रहा था कि राहुल गांधी हिंदू हैं या नहीं ये बीजेपी के लिए मुफीद रहा. बीजेपी ने और पीएम ने इस मुद्दे को अपने अंदाज में जनता के सामने रखा. कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि इस बात का क्रेडिट मोदी को देना होगा कि वो हर मुद्दे को अपने लिए कारगर बना लेते हैं.

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कांग्रेस के सीनियर नेताओं को लग रहा है कि इससे नॉर्थ इस्ट और दीगर जगह पर अल्पसंख्यक वोट क्षेत्रीय दलों के साथ न चिपक जाएं. खासकर यूपी में समाजवादी पार्टी और बिहार में आरजेडी के साथ वहीं केरल में लेफ्ट अलांयस कांग्रेस के मुकाबले में है. ममता बनर्जी अल्पसंख्यकों की पहली पंसद बंगाल में बनी हुई हैं.

सोनिया ने भी किया था कुंभ में स्नान

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कांग्रेस की अध्यक्ष बनने के बाद उस वक्त के नेताओं ने तय किया कि सोनिया के लिए कुंभ में जाना सबसे कारगर रहेगा. इसलिए 2001 के कुंभ में सोनिया गांधी ने संगम में डुबकी लगाई.

ये ऐसा दांव था कि इससे विदेशी मूल के मुद्दे की हवा निकल गई. सोनिया गांधी ने साबित कर दिया कि वो एक आदर्श भारतीय बहू हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले पड़ने वाले 2013 के कुंभ में सोनिया गांधी नहीं गईं. अब राहुल गांधी सोनिया गांधी की 2013 की गलती से सीख ले रहे हैं. कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लग रहा है कि बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के दांव का जवाब सॉफ्ट हिंदुत्व है.

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