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गुजरात चुनाव से पहले क्या कहती है राहुल की 'मंदिर दौड़'?

राहुल गांधी की चुनावी रणनीति में आया अचानक बदलाव किस तरफ इशारा करता है?

FP Staff Updated On: Nov 29, 2017 09:55 PM IST

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गुजरात चुनाव से पहले क्या कहती है राहुल की 'मंदिर दौड़'?

2014 लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा था कि चुनावों में कांग्रेस का झुकाव अल्पसंख्यकों की तरफ था, जिसके कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं एंटनी ने कहा था कि लोगों का सेक्युलरिज्म से विश्वास उठ गया है.

2014 से शुरू हुआ हार का सिलसिला हरियाणा, राजस्थान, असम से होता हुआ यूपी चुनाव तक जारी रहा. अब कांग्रेस और अध्यक्ष बनने जा रहे राहुल गांधी अपने लिए नई जमीन तलाश रहे हैं. शायद अब राहुल गांधी को ए.के एंटनी की बात भी सही लगने लगी है. जिसका नतीजा है कि पिछले तीन महीने में राहुल गांधी ने 19वीं बार मंदिर में पूजा-अर्चना की.

अब बारी गुजरात चुनाव की है. गुजरात हमेशा से पीएम मोदी और बीजेपी के लिए खास रहा है. पिछले 21-22 सालों से गुजरात में बीजेपी की सरकार है. कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है, या यूं कहें कि राहुल खुद को कांग्रेस अध्यक्ष के लिए तैयार कर रहे हैं. ऐसा करना कांग्रेस की रणनीति में अचानक शामिल हुआ है, क्योंकि पार्टी कई हार के बाद अब जीत की खोज में पूरी तरह निकल पड़ी है. अब तक 12 बार राहुल गुजरात के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर चुके हैं. इन गुजराती मंदिरों में राहुल अब तक कर चुके हैं दर्शन-

वैद्यनाथ मंदिर, थारा

खोदिया माताजी, वरना

द्वारकाधीश, द्वारका

चामुंडा माता, चोटिला

खोडलधाम, राजकोट

सोमनाथ, प्रभास पतन

भाटीजी महाराज मंदिर, फागवेल

उनई माता, सिंध

अक्षरधाम मंदिर, गांधी नगर

वीर मेघमाया, पतन

अंबाजी, बनांसकांठा

बहुचारजी, मेहसाणा

raga temple run

Gujarat Election Results 2017

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