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विपक्ष ने गोवा और मणिपुर में राज्यपालों की भूमिका पर शीघ्र चर्चा की मांग की!

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्यपालों का यह आचरण स्थापित मानकों और संवैधानिक नियमों के विरूद्ध है

Updated On: Mar 20, 2017 03:41 PM IST

Bhasha

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विपक्ष ने गोवा और मणिपुर में राज्यपालों की भूमिका पर शीघ्र चर्चा की मांग की!

गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया गया. इस बात को लेकर राज्यपालों की कथित भूमिका के संबंध में राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों ने चर्चा कराए जाने की मांग की.

सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'संबंधित राज्यपालों के आचरण पर चर्चा करने के लिए नियम 168 के तहत एक समुचित प्रस्ताव दिया है.'

उन्होंने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि इस प्रस्ताव पर कब विचार किया जाएगा. उपसभापति पीजे कुरियन ने कहा कि सिंह द्वारा दिया गया नोटिस मिल गया है और उस पर विचार किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि जब सभापति इस नोटिस की स्वीकार्यता पर फैसला कर लेंगे तो सिंह को इसकी सूचना दे दी जाएगी. सिंह ने कहा कि, राज्यपालों ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और यह ‘लोकतंत्र की हत्या’ है.

उन्होंने कहा कि, राज्यपालों का यह आचरण स्थापित मानकों और संवैधानिक नियमों के विरूद्ध है. साथ ही सिंह ने यह भी अनुरोध किया कि उनके प्रस्ताव पर फैसला जल्द ही किया जाए अन्यथा इसकी प्रासंगिकता खत्म हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि गोवा और मणिपुर दोनों राज्यों में कांग्रेस अकेले सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी और उसके पास सरकार बनाने से इंकार करने का पहला अधिकार था.

गौरतलब है कि शुक्रवार को सिंह ने नियम 267 के तहत एक नोटिस देकर कामकाज निलंबित करने और गोवा के घटनाक्रम पर चर्चा करने की मांग की थी.

उपसभापति ने इससे यह कहकर इंकार कर दिया था कि राज्यपाल के आचरण पर समुचित प्रस्ताव के तहत ही चर्चा की जा सकती है.

कांग्रेस के आनंद शर्मा ने बीजेपी पर 'धोखे से जनादेश छिनने' का आरोप लगाया. हालांकि, कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'लोकतंत्र की हत्या' शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए.

सीपीएम के तपन कुमार सेन ने कहा कि ‘लोकतंत्र की हत्या' शब्द असंसदीय नहीं हैं और इन्हें कार्यवाही से नहीं हटाया जाना चाहिए. प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस की अंदरुनी समस्या का दोष राज्यपाल पर नहीं मढ़ना चाहिए.

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