S M L

जम्मू-कश्मीर LIVE: गवर्नर ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

मंगलवार को बीजेपी ने राज्य में खराब कानून व्यवस्था और बढ़ते आतंकवाद का हवाला देकर 40 महीने पुरानी गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था

FP Staff | June 20, 2018, 01:26 PM IST

0

हाइलाइट

Jun 20, 2018

  • 13:25(IST)

    जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद गवर्नर एन एन वोहरा ने श्रीनगर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है

  • 12:54(IST)

    रविंद्र रैना ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के बीजेपी पर अपनी पार्टी में तोड़-फोड़ की साजिश रचने के लगाए आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 'जो लोग ऐसा आरोप लगा रहे हैं असल में वो खरीद-फरोख्त में शामिल रहते हैं' 

  • 12:49(IST)
  • 12:15(IST)

    जम्मू-कश्मीर को लेकर बीजेपी इस वक्त एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जम्मू-कश्मीर आएंगे. बीजेपी यहां 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस मनाएगी

  • 12:10(IST)

    जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि, 'ऑपरेशन पहले भी चल रहा था और आगे भी यह जारी रहेगा. इसे लेकर हम पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है'  

  • 11:42(IST)

    उमर अब्दुल्ला ने बदली राजनीतिक परिस्थितियों में जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर जल्द से जल्द यहां चुनाव कराने की मांग की है 

  • 11:39(IST)

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में तोड़-फोड़ की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उमर ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कवींद्र गुप्ता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यह आरोप लगाया. बुधवार को कवींद्र गुप्ता ने कहा कि, 'मैं नहीं समझता कि राज्य में जल्दी ही कोई नई सरकार का गठन हो सकेगा. कई तरह की अनिश्चितताएं हैं, मगर हम इस पर काम कर रहे हैं और जनता को जल्दी ही इसके बारे में पता लगेगा.'

  • 10:48(IST)

    जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद गवर्नर एन एन वोहरा आज सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर श्रीनगर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे

  • 09:59(IST)

    जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कवींद्र गुप्ता ने कहा, 'मैं नहीं समझता कि राज्य में जल्दी ही कोई नई सरकार का गठन हो सकेगा. कई तरह की अनिश्चितताएं हैं, मगर हम इस पर काम कर रहे हैं और जनता को जल्दी ही इसके बारे में पता लगेगा.'

  • 09:42(IST)

    मंगलवार को बीजेपी के पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद राज्य में नई सरकार गठन की संभावना नजर नहीं आने के बाद यह फैसला लिया गया है

  • 09:41(IST)

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लागू करने की अनुमति दे दी है. इसके बाद आज से राज्य में राज्यपाल शासन लग गया है

  • 19:18(IST)

    गठबंधन टूटना अच्छा रहा, महबूबा आतंकियों से रखती हैं सहानुभूति- सुब्रमण्यम स्वामी

    बीजेपी नेता और राज्‍य सभा सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने जम्‍मू कश्‍मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस लेने के फैसले का स्‍वागत किया है. स्‍वामी ने कहा कि पीडीपी और बीजेपी का गठबंधन नहीं होना चाहिए था. बीजेपी ने ऐसा करके गलती की लेकिन अब सही फैसला लिया गया है. यह गठबंधन ज्‍यादा दिन तक चलता तो अधिक नुकसान होता.

    न्‍यूज18 से बातचीत में स्‍वामी ने आरोप लगाया कि महबूबा की आतंकियों से गहरी सहानुभूति रही है. उनके परिवार का यह लंबा इतिहास रहा है. वीपी सिंह सरकार में जब मुफ्ती मोहम्‍मद सईद केंद्र में मंत्री थे उस समय से ही ऐसा रहा है. महबूबा गठबंधन को लेकर ईमानदार नहीं थी जबकि हम पूरी तरह से ईमानदार थे. गठबंधन का फैसला गलत था लेकिन बीजेपी ने कम से कम कोशिश तो की.

    स्‍वामी ने बताया कि रमजान के महीने में सीजफायर नाकाम रहने के चलते गठबंधन समाप्‍त किया गया. बीजेपी के पास अब कोई चारा नहीं था. अगर सीजफायर कामयाब रहता तो गठबंधन नहीं टूटता. शुजात बुखारी और औरंगजेब की हत्या के चलते हमारे पास जनता के बीच जाकर बात करने की कोई नैतिकता नहीं बची थी. गठबंधन टूटने में देरी से चीजें और बिगड़ जाती.

  • 19:05(IST)

    कश्मीर को आग में झोंक दिया था इस अवसरवादी गठबंधन ने- राहुल गांधी

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी-पीडीपी गठबंधन के टूटने पर लिखा- 'बीजेपी-पीडीपी के अवसरवादी गठबंधन ने जम्मू-कश्मीर को आग में झोंक दिया है, जिसमें हमारे बहादुर सैनिकों सहित कई निर्दोष लोगों की मौत हुई है. इसने यूपीए के वर्षों की कड़ी मेहनत और भारत की रणनीति को नष्ट किया. राष्ट्रपति के शासन के तहत नुकसान जारी रहेगा. अक्षमता, अहंकार और नफरत हमेशा विफल होती है.'

  • 18:57(IST)

    बीजेपी द्वारा समर्थन वापसी के फैसले से महबूबा मुफ्ती के अचंभित होने की खबर को ट्वीट करते हुए. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि वो (महबूबा मुफ्ती) रिबन काट रही थीं और बीजेपी उनके पैर काटने में लगी थी. उमर ने कहा कि मेरी इच्छा है कि उनका सिर (सम्मान) सलामत रहे क्योंकि वे जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री रही हैं न कि BJPDP की.

  • 18:51(IST)

    उमर अब्दुल्ला ट्विटर पर लगातार चुटकी लिए जा रहे हैं. किसी ने ट्विटर पर महबूबा मुफ्ती को शॉल देते हुए अमित शाह की फोटो लगाकर लिखा है- वापस दे अब्दुल्ला जी को देना है. इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए उमर ने लिखा कि अब्दुल्ला जी के पास शॉल है और भला गर्मियों में शॉल कौन ओढ़ता है.

  • 18:25(IST)


    जम्मू-कश्मीर में बीजेपी का पीडीपी से गठबंधन तोड़ने पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि इनको 3.5 साल और 600 जवानों के बलिदान के बाद महसूस हुआ कि राज्य में पीडीपी से समर्थन वापस ले लेना चाहिए. उन्होंने सवाल पूछा कि आप कब जानेंगे कि सरकार कैसे चलती है और आपने कैसे इतने लंबे समय तक समर्थन दिया.

  • 17:36(IST)

    कश्मीर के हालात पर राजनाथ सिंह के घर पर चल रही बैठक खत्म. 

  • 17:31(IST)

    दिल्ली में जारी गतिरोध को कश्मीर से जोड़ते हुए दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने ट्वीट करके लिखा है कि घाटी में 3 साल बर्बाद हुए. 3 सालों में बहुत सारे नागरिकों और सैनिकों की मौतें हुईं. पिछले 3 सालों में घाटी जहां खड़ा था वहां से स्थिति में काफी गिरावट हुई. यह तब होता है जब आप अपनी राजनीति को लोगों से ऊपर रखते हैं. मैं दिल्ली को मोदी सरकार की गंदी राजनीति का शिकार नहीं होने दूंगा. 

  • 17:23(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बीजेपी के सरकार में आने से मुस्लिम असहज थे. हमने धारा 370 की हिफाजत की. महबूबा मुफ्ती ने राज्य में रमजान के दौरान 1 महीने के सीजफायर पर कहा कि हमने ही रमजान के दौरान सीजफायर करवाया. उन्होंने यह भी कहा कि हम पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते चाहते थे. महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि कश्मीर में बातचीत की प्रक्रिया जारी रहे. 

  • 17:16(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वो बीजेपी के फैसले से शॉक्ड नहीं हैं. हमने यह गठबंधन किसी ताकत को हासिल करने के लिए नहीं किया था. इस गठबंधन का बहुत बड़ा उद्देश्य था. 

  • 17:13(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है और उन्हें यह कह दिया है कि हम किसी और गठबंधन की संभावनाओं की तलाश नहीं कर रहे हैं.

  • 17:11(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमने 11 हजार नौजवानों के खिलाफ केस वापस लिए. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को धारा 370 के हटने का डर था. ग्राउंड लेवल पर पीडीपी के कार्यकर्ताओं ने बहुत संघर्ष किया. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम किसी के साथ सरकार नहीं बनाएंगे. 

  • 17:09(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी ने पूरे राज्य को एक रखने की कोशिश की

  • 17:08(IST)
  • 17:08(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि संघर्ष विराम की वजह से कश्मीर के लोग आराम से रह रहे थे. 

  • 17:06(IST)

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर की समस्या को ताकत के बल पर हल नहीं किया जा सकता.

  • 16:40(IST)

    क्यों हुए BJP और PDP के रास्ते अलग-अलग?

    -ईद के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीजफायर खत्म करने का ऐलान किया. कश्मीर घाटी में रमज़ान के महीनों में सीज़फायर की घोषणा की गई थी. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती चाहती थीं कि सीजफायर की मियाद कुछ और दिनों के लिए बढ़ाई जाए. लेकिन केंद्र सरकार कश्मीर के बिगड़ते माहौल को देखते हुए उनकी बात मानने के लिए तैयार नहीं थी.

    -जम्मू-कश्मीर के इतिहास में दूसरी बार सीजफायर का ऐलान किया गया था. इससे पहले नवंबर 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी. रमजान के बाद भी इसे पांच महीने के लिए बढ़ा दिया गया. यानी वहां पिछली बार 23 मई 2001 तक सीजफायर लगा था. उस वक्त जुलाई 2000 में आतंकवादी संगठन हिजबुल-मुजाहिदीन ने भी एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी. लेकिन दो हफ्ते के दौरान ही हिजबुल-मुजाहिदीन ने सीजफायर को वापस ले लिया. दरअसल ये संगठन चाहता था कि पाकिस्तान को भी कश्मीर पर बातचीत के लिए शामिल किया जाए. लेकिन उस वक्त गृह सचिव कमल पांडे ने उनकी बात नहीं मानी थी.

    -सीजफायर का कोई फायदा नहीं हुआ. रमजान के दौरान आतंकी घटनाओं की संख्या दोगुनी हो गई. आतंकवादी संगठनों में ढेर सारी भर्तियों में शुरू हो गई. इसके अलावा ग्रेनेड हमलों में भी भारी तेजी आई.


    -ईद से ठीक पहले राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और भारतीय सेना के सैनिक औरंगजेब की हत्या कर दी गई. घाटी के हालात बिगड़ते गए और ऐसे में केंद्र सरकार पर ये दबाव बढ़ गया कि वो सीजफायर को तुरंत खत्म करे.

    -ये पहली बार नहीं है जब बीजेपी और पीडीपी गठबंधन में मतभेद हुए हो. इसी साल कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और मर्डर के बाद पीडीपी ने हिंदू एकता मंच की रैली में दो बीजेपी मंत्रियों के शामिल होने के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग की थी. बीजेपी ने दोनों मंत्रियों को कैबिनेट से इस्तीफा देने को कहा था.

  • 16:33(IST)

    कश्मीर के मुद्दे को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर में सरकार की एक अहम बैठक चल रही है. इसमें गृह सचिव और एनएसए के प्रमुख भी शामिल हैं.

  • 16:31(IST)

    उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल से यह भी कहा कि क्योंकि किसी पार्टी के पास बहुमत नहीं है तो राज्य में वो राज्यपाल शासन को लागू करें. 

  • 16:28(IST)

    राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमने राज्यपाल को कहा कि हमारे पास न 2014 में बहुमत था और न ही 2018 में है. न तो किसी ने हमसे संपर्क किया है और न ही हम किसी से संपर्क करने जा रहे हैं. 

जम्मू-कश्मीर LIVE: गवर्नर ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

जम्मू-कश्मीर के बीजेपी-पीडीपी गठबंधन पर बड़ा फैसला हो गया है. सीजफायर को लेकर बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन के बीच उभरे मतभेद ने बड़ा रूप ले लिया है. बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पीडीपी के साथ अपने गठबंधन को खत्म करने का ऐलान किया और यह कहा कि राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो.

इसके पहले भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में अपने कैबिनेट मंत्रियों को पार्टी आलाकमान के साथ बातचीत के लिए नई दिल्ली बुलाया है. केंद्र सरकार ने कुछ ही दिन पहले रमजान सीजफायर को और आगे न बढ़ाने के फैसले के बाद ये कदम उठाया गया है. जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना व अन्य मंत्री पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे. इनमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और जनरल सेक्रेटरी राम माधव भी शामिल हैं. साथ ही अमित शाह 23 जून को जम्मू का दौरा भी करने वाले हैं.

सूत्रों के मुताबिक ये बैठक इसलिए बुलाई जा रही है, ताकि सीजफायर को लेकर बीजेपी-पीडीपी गठबंधन में आई दूरियों को खत्म किया जा सका. एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती चाहती हैं कि सीजफायर की अवधि बढ़ाई जाए, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने इसे और न बढ़ाने का फैसला किया है.

केंद्र ने ईद के एक दिन बाद ही एकतरफा सीजफायर खत्म कर दिया था. बताया जा रहा है कि पत्रकार शुजात बुखारी और सेना के जवान औरंगजेब की हत्या के बाद केंद्र ने सीजफायर को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi