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नोट बंदी: जनता की परेशानी के बाद सफाई देने में लगी सरकार

अरुण जेटली अपने बयान से जनता के दर्द पर मरहम लगाने की बजाए विपक्षी हमलों पर सफाई देते नजर आ रहे हैं.

Updated On: Nov 20, 2016 01:56 PM IST

Amitesh Amitesh

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नोट बंदी: जनता की परेशानी के बाद सफाई देने में लगी सरकार

‘बैंकों में कोई बदइंतजामी नहीं है. अगर बदइंतजामी होती तो इस तरह से बैंकों में लेन-देन नहीं होता.’ वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने बयान से जनता के दर्द पर मरहम लगाने की बजाए विपक्षी हमलों पर सफाई देते नजर आ रहे हैं.

शनिवार को जेटली जब मीडिया से मुखातिब हुए तो पिछले दो से तीन दिनों के बीच बैंकों में हुए लेन-देन के आंकड़े के जरिए ये जताने की कोशिश करते नजर आए कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. लेकिन जमीनी हालात कुछ और बयां कर रहे हैं.

देश के अलग-अलग भागों से लंबी कतारें, परेशान महिलाएं, बुजुर्ग और अपनी बारी का इंतजार करते बाकी लोग वित्त मंत्री के बयान की हवा निकाल रहे हैं. कई इलाकों से पुलिसिया लाठी चार्ज की खबरें और लोगों के रॉशन शॉप लूटने तक की खबरें आ रही हैं. हर तरफ से अफरा-तफरी की खबरें आ रही हैं.

देश में एफएम तो विदेश में पीएम अपनी पीठ थपथपाकर लोगों के दर्द को ढंकने का प्रयास शायद इसीलिए कर रहे हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली तक सफाई देने में लगे हैं.

जेटली ने कहा कि अकेले एसबीआई से पिछले दो से ढाई दिन के भीतर 2 करोड़ 8 लाख ट्रांजेक्शन हुए हैं. जेटली ने बताया कि 54,370 करोड़ रुपए का लेन-देन केवल एसबीआई से हुआ है जिसमें 47, 868 करोड़ रुपए डिपोजिट हुआ है.

सरकार के मुताबिक, एसबीआई में कुल बैंकिंग व्यवस्था का 20 से 25 फीसदी लेन-देन होता है. मतलब एसबीआई के आंकड़े को पैमाना बनाकर देखें तो अबतक बैंकों में करीब 2 लाख करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं. वित्त मंत्री जेटली नोटबंदी के बाद शनिवार दोपहर 12.15 बजे तक का हिसाब दे रहे थे. लेकिन, बैंकों और एटीएम के बाहर लग रही लंबी कतारों से लोगों को हो रही परेशानी पर जेटली के पास कोई ठोस जवाब नहीं था.

जेटली ने कहा कि ये बड़ा चैलेंज है जब इतनी बड़ी तादाद में लोग एक साथ बैंक और एटीएम पर आ रहे हैं. लेकिन, हालात उतने गंभीर नहीं है.

दरअसल, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि दो लाख के करीब सभी एटीएम को 500 और 2000 रुपए के नए नोटों के लिहाज से तैयार करने की. वित्त मंत्री जेटली ने साफ किया कि इतने बड़े काम में दो से तीन हफ्ते का वक्त जरूर लगेगा. मतलब लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली.

सरकार से सवाल किया जा रहा है कि पहले से ही एटीएम मशीन को नए नोटों के हिसाब से तैयार क्यों नहीं किया गया? इस पर जेटली का जवाब था, अगर ऐसा होता तो पूरे मिशन की गोपनीयता खत्म हो जाती.

नोटबंदी पर सियासत खूब हो रही है. विरोधियों के निशाने पर पूरी सरकार है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने हमला बोला ‘अगर हमारा एकाउंट है, हमारा पैसा है तो हमें लाइन में क्यों लगना चाहिए?’ हमला केजरीवाल समेत दूसरे विपक्षी नेताओं की तरफ से भी हो रहा है.

सरकार इन बयानों को गैरजिम्मेदराना बता रही है.

लोगों की परेशानी और मन में हो रही शंकाओं से सरकार वाकिफ है. अब विपक्ष का हमला सरकार को चिंतित भी कर रहा है. मैदान में उतरे जेटली ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.

लेकिन, आखिर में वित्त मंत्री जेटली एक बार फिर से कालेधन रखने वालों को चेतावनी दे गए. जेटली ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार कभी स्वीकार नहीं करेगी की गैर-कानूनी ढंग से कोई लेन-देन हो.

नए नोट में चिप की बात को जेटली ने कोरी अफवाह बताया लेकिन, कहा कि नए नोटों में इस तरह का मैकेनिज्म रहेगा जिससे फेक करेंसी के प्रचलन पर लगाम लगाई जा सके.

सरकार की दुविधा यही है. परसेप्शन की इस लड़ाई में सरकार की पूरी कोशिश है कि कालेधन और फेक करेंसी पर नकेल लगने का संदेश जनता के बीच जाए. लेकिन, परेशान जनता का हितैषी बनकर मोदी विरोधी इस बार मोदी मैजिक की हवा निकालने में पीछे नहीं रहना चाहते.

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