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राज्यसभा की सीट या बीजेपी का डर, आखिर मिला ही लिया मायावती ने अखिलेश से हाथ

बहुजन समाज पार्टी ने गोरखपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन देने का निर्णय लिया है

FP Staff Updated On: Mar 04, 2018 04:19 PM IST

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राज्यसभा की सीट या बीजेपी का डर, आखिर मिला ही लिया मायावती ने अखिलेश से हाथ

शनिवार को नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्यों के आए चुनावी नतीजों में बीजेपी को मिली कामयाबी से देश के सियासी जगत में खलबली मच गई है. इसका आकलन कर  पार्टियां अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं. भगवा पार्टी को सियासी पटखनी देने के लिए वो आपसी दुश्मनी भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाने को भी तैयार दिख रही हैं.

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में नए सियासी समीकरण की तस्वीर उभर रही है. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रत्याशियों को अपना समर्थन देगी. शनिवार को पार्टी की अध्यक्ष मायावती के आवास पर लंबी चली बैठक के बाद इसका निर्णय लिया गया.

वैसे भी मायावती की पार्टी  की लोकसभा में एक भी सीट नहीं हैं, और उनका राज्यसभा जाना भी असंभव है. ऐसे में मायावती को अगर अपनी राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर बचाए रखना है तो उन्हें पुरानी शिकायतें भूल ऐसे समझौते करने ही होंगे. दूसरी तरफ शिवपाल से अनबन होने के बाद अखिलेश यादव को भी एक ऐसा साथी चाहिए जो उत्तर प्रदेश में कैडर की कमी पूरी सके. हालांकि ये गठबंधन कबतक चलेगा, तयकर पाना मुश्किल है.

बीएसपी की ओर से रविवार को इस गठबंधन काऔपचारिक ऐलान किया गया.

बताया जा रहा है कि इन दोनों सीटों के उपचुनाव के बारे में मायावती ने अपनी पार्टी के नेताओं से फीडबैक लिया था. इस बारे में उनकी दोनों लोकसभा क्षेत्रों के जोनल कोऑर्डिनेटर से भी बात हुई थी.

समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट को अपना समर्थन देगी बीएसपी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे के बाद गोरखपुर सीट खाली हुई है. यहां होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है. उपेंद्र दत्त शुक्ला की संगठन और कार्यकर्ताओं पर अच्छी पकड़ है. पूर्वांचल में उनकी पहचान ब्राह्मण चेहरे के रूप में होती है. वो गोरखपुर से राज्यसभा सांसद और वर्तमान में केंद्र में मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के काफी करीबी बताए जाते हैं.

समाजवादी पार्टी ने निषाद पार्टी और डॉ. अयूब की पीस पार्टी के साथ इस सीट के उपचुनाव में गठबंधन किया है. अखिलेश यादव ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को गोरखपुर में अपना उम्मीदवार बनाया है. जबकि कांग्रेस ने डॉ. सुरहिता करीम को यहां चुनावी मैदान में उतारा है.

वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद सदस्य बनने के बाद फूलपुर के सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था. यहां होने वाले उपचुनाव में बीजेपी ने वाराणसी के पूर्व महापौर कौशलेंद्र सिंह पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया है. फूलपुर में एसपी ने नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है. यहां भी बीएसपी ने एसपी कैंडिडेट को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. कांग्रेस ने यहां अपने वरिष्ठ नेता जे एन मिश्र के बेटे मनीष मिश्र पर अपना दांव खेला है.

गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीट के लिए 11 मार्च को वोटिंग होगी. और चुनावों के नतीजे 14 मार्च को आएंगे.

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