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गोवा: कांग्रेस से पिछड़ी बीजेपी, लेकिन सरकार बनाने की उम्मीद बाकी

गोवा में विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस से पिछड़ने के बाद भी बीजेपी ने आस नहीं छोड़ी है

Updated On: Mar 12, 2017 10:55 AM IST

FP Staff

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गोवा: कांग्रेस से पिछड़ी बीजेपी, लेकिन सरकार बनाने की उम्मीद बाकी

गोवा में विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस से पिछड़ने के बाद भी बीजेपी ने आस नहीं छोड़ी है और उसका कहना है कि बहुमत न होने के बाद भी पार्टी सरकार बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थिति में है.

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि बीजेपी छोटी पार्टियों को अपने साथ ला कर बहुमत हासिल कर सकती है. पर्रिकर ने कहा कि पार्टी छोटी पार्टियों से जवाब का इंतजार कर रही है क्योंकि किसी पार्टी को उपयुक्त जनादेश नहीं मिला है.

गोवा विधानसभा चुनाव में जीत की उम्मीद कर रही बीजेपी को झटका लगा, जहां कुल 40 सीटों में इसे सिर्फ 13 सीटें मिली है. 17 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. आम आदमी पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका. महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी), गोवा फारवर्ड पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन-तीन सीटें जीती हैं जबकि राकांपा को एक सीट मिली है. बहुमत के लिए 21 विधायक चाहिए.

मुख्यमंत्री हार गए चुनाव

मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को मांद्रे में शिकस्त का सामना करना पड़ा. अपनी पार्टी के साधारण बहुमत हासिल करने से बहुत पीछे रह जाने के बाद उन्होंने राज्यपाल मृदुला सिन्हा को अपना इस्तीफा सौंपा. पारसेकर की करारी हार के अलावा भाजपा के छह मंत्री भी हारे हैं.

मौजूदा सदन में कांग्रेस के पास सात सीटें थी लेकिन इसने अपनी सीटों की संख्या बढ़ा कर अब 17 कर ली है. इसके अलावा पार्टी समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार की जीत भी सुनिश्चित की.

कांग्रेस के चार पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, प्रतापसिंह राणे, रवि नाइक और लुइझो फालेरियो विजेता बन कर उभरे हैं.

छोटी पार्टियों के हाथ में सत्ता की चाभी

इस चुनाव नतीजे के चलते नव गठित गोवा फारवर्ड पार्टी और एमजीपी जैसी छोटी पार्टियां नयी सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाएंगी.

बीजेपी ने पिछले चुनाव में 21 सीटें जीती थी. इस बार पार्टी के खराब प्रदर्शन को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के लिए एक झटके तौर पर देखा जा रहा है जिन्होंने आगे बढ़ कर प्रचार का नेतृत्व किया था. यह कयास भी लगाए जा रहे थे कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपने गृह राज्य में वापसी कर सकते हैं.

फरवरी में हुए चुनाव से ठीक पहले भाजपा नीत गठबंधन से समर्थन वापस लेने वाली एमजीपी ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच (जीएसएम) के साथ गठजोड़ किया था, जिसे आरएसएस के बागी नेता सुभाष वेलिंगकर ने बनाया था।

 

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