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'जो इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहे हैं, वह सफल नहीं होंगे '

अंसारी ने कहा, ‘इतिहास इतिहास है. इसे पढ़ना होगा. आप इससे सीख ले सकते हैं, आप इससे प्रोत्साहित हो सकते हैं या आप इसे सिर्फ परीक्षा की तैयारियों के लिए कॉलेज छात्र के रूप में पढ़ सकते हैं. इतिहास बदला नहीं जा सकता है.’

Bhasha Updated On: May 27, 2018 08:29 PM IST

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'जो इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहे हैं, वह सफल नहीं होंगे '

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने रविवार को कहा कि कुछ 'खोज करने वाले' इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहे हैं , लेकिन वे सफल नहीं होंगे क्योंकि इतिहास को बदला नहीं जा सकता . वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. किताब का संपादन वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए गोपन्ना ने किया है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पुस्तक को लॉन्च किया.

अंसारी ने कहा कि कुछ समय पहले ‘टाइम मशीन’ नामक एक पुस्तक लिखी गई थी और विचार यह था कि एक तकनीक होगी जिसके तहत कोई व्यक्ति अतीत में जा कर देख सकता था कि उस समय क्या हुआ होगा.

उन्होंने कहा, ‘यह एक बड़ी सफलता थी. लेकिन आज , मैं खोज करने वालों के समूह को देखता हूं जो लेखक नहीं हैं. खोज करने वाले टाइम मशीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसके द्वारा आप इतिहास में वापस जा सकते हैं और इतिहास को फिर से लिख सकते हैं. ऐसा प्रयास नहीं सफल होने वाला है.’

अंसारी ने कहा, ‘इतिहास इतिहास है. इसे पढ़ना होगा. आप इससे सीख ले सकते हैं, आप इससे प्रोत्साहित हो सकते हैं या आप इसे सिर्फ परीक्षा की तैयारियों के लिए कॉलेज छात्र के रूप में पढ़ सकते हैं. इतिहास बदला नहीं जा सकता है.’

अंसारी की टिप्पणी महत्व रखती है क्योंकि विपक्ष अक्सर केंद्र सरकार पर इतिहास को फिर से लिखने का आरोप लगाता रहा है. नेहरू पर आधारित पुस्तक की चर्चा करते हुए अंसारी ने कहा कि यह हमारी विरासत , स्वतंत्रता संग्राम और इसे दिशा दिखाने वाले महान नेता, आधुनिक भारत के विभिन्न चरणों से गुजरता है.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि नेहरू पर टिप्पणियां और खोज कभी समाप्त नहीं हो सकतीं. उन्होंने कहा कि 54 साल पहले हमने इसी दिन उन्हें खो दिया था. नेहरू ने लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी आवश्यक संस्थानों का निर्माण किया.

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