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अखिलेश यादव फिर बन सकते हैं एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्टी की गुटबाजी खत्म?

गुरुवार को होने वाले एसपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव के पार्टी अध्यक्ष चुने जाने की प्रबल सम्भावना है.

Bhasha Updated On: Oct 04, 2017 05:17 PM IST

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अखिलेश यादव फिर बन सकते हैं एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्टी की गुटबाजी खत्म?

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की ओर से आशीर्वाद मिलने के दावे की पृष्ठभूमि में गुरुवार को आयोजित होने वाले एसपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव के पार्टी अध्यक्ष चुने जाने की प्रबल संभावना है.

एसपी के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें अध्यक्ष के कार्यकाल की अवधि बढ़ाकर उसे पांच साल करने सहित विभिन्‍न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी.

एसपी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया, ‘गुरुवार को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी संविधान में संशोधन कर दल के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल से बढ़ाकर पांच साल किया जाना है.’

'पिता का आर्शीवाद है साथ'

अखिलेश ने पिछले दिनों पिता मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अधिवेशन का न्यौता देने के बाद दावा किया था कि उन्हें एसपी संरक्षक का आशीर्वाद प्राप्त है. मुलायम ने भी गत 25 सितंबर को संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश के विरोधी शिवपाल सिंह यादव के धड़े को झटका देते हुए कहा था कि पिता होने के नाते उनका आशीर्वाद पुत्र के साथ है.

इस पृष्ठभूमि में पूरी सम्‍भावना है कि अखिलेश को फिर एसपी अध्‍यक्ष चुन लिया जाएगा. कार्यकाल पांच वर्ष का किए जाने के बाद यह तय हो जाएगा कि सपा वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव और 2022 का उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी पार्टी अखिलेश के नेतृत्‍व में लड़ेगी.

बंट गए थे दो गुट

अखिलेश गत एक जनवरी को लखनऊ में आयोजित राष्‍ट्रीय अधिवेशन में मुलायम की जगह एसपी के अध्‍यक्ष बने थे. उसमें मुलायम को पार्टी का ‘सर्वोच्‍च संरक्षक’ बना दिया गया था. साथ ही शिवपाल को एसपी के प्रान्‍तीय अध्‍यक्ष पद से हटा दिया गया था. इसके बाद एसपी में दो गुट बंट रहे थे और ये दोनों ही खुद को असली समाजवादी पार्टी बता रहे थे.

एसपी का यह अधिवेशन पार्टी में अखिलेश और शिवपाल धड़ों के बीच जारी रस्‍साकशी के बीच हो रहा है. फिलहाल हालात अखिलेश के पक्ष में नजर आ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा था कि स्वयं को एसपी के तमाम मामलों से अलग कर चुके मुलायम 25 सितंबर को लखनऊ में हुए संवाददाता सम्मेलन में अलग पार्टी या मोर्चे के गठन का ऐलान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

शिवपाल पर होगा दबाव

मुलायम के सहारे ‘समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चे’ के गठन की उम्‍मीद लगाए शिवपाल पर अब अपनी राह चुनने का दबाव है. शिवपाल के करीबियों का कहना है कि एसपी के होने वाले राष्‍ट्रीय अधिवेशन के बाद वह कोई फैसला ले सकते हैं.

पिछले 23 सितंबर को लखनऊ में आयोजित एसपी के प्रान्‍तीय अधिवेशन में उन्‍होंने शिवपाल यादव गुट को 'बनावटी समाजवादी' की संज्ञा देते हुए समर्थक कार्यकर्ताओं ‘बनावटी समाजवादियों’ के प्रति आगाह किया था.

अखिलेश ने एसपी के आठवें प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा था, 'कई बार लोग सवाल उठाते हैं....मैं उनसे यही कहना चाहता हूं कि नेताजी (मुलायम) हमारे पिता तो रहेंगे ही, उनका आशीर्वाद भी बना रहेगा, तो हम समाजवादी आंदोलन को बढ़ाएंगे और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे.'

अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया था. माना जा रहा है कि इस राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में इसकी तैयारियों की रूपरेखा तय हो सकती है.

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