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प्रणब मुखर्जी के RSS का निमंत्रण स्वीकार करने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराज

सीके जाफर शरीफ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिख कर उनके इस कदम पर आश्चर्य जताया और कहा कि अगले साल होने वाले संसदीय चुनाव से पहले उनका संघ परिवार के कार्यक्रम में जाना ठीक नहीं है

Updated On: May 30, 2018 09:35 AM IST

FP Staff

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प्रणब मुखर्जी के RSS का निमंत्रण स्वीकार करने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराज

देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी के नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय जाकर RSS के स्वयंसेवकों को संबोधित करने का निमंत्रण स्वीकार किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनती जा रही है.प्रणब मुखर्जी के यहां जाकर स्पीच (व्याख्यान) देने के फैसले से कांग्रेस सकते में है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सी के जाफर शरीफ ने इसपर आपत्ति जताई है. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से धर्मनिरपेक्षता के हित में अपने निर्णय पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है. जाफर शरीफ ने प्रणब मुखर्जी को पत्र लिख कर उनके इस कदम पर आश्चर्य जताया और कहा कि आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने के बारे में जानकर वो अन्य धर्मनिरपेक्ष लोगों की ही तरह स्तब्ध हैं.

शरीफ ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनका मानना है कि जो व्यक्ति दशकों तक राजनीति में धर्मनिरपेक्ष रहा, विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं, जिसमें राष्ट्रपति जैसे उच्च पद भी शामिल है, उनका अगले साल होने वाले संसदीय चुनाव से पहले संघ परिवार के कार्यक्रम में जाना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे इस पर फिर से विचार करने और धर्मनिरपेक्षता और देश हित में संघ परिवार के कार्यक्रम में जाने से बचने का अनुरोध करता हूं.’

Mohan-Bhagwat_Pranab-Mukherjee_PTI

मोहन भागवत-प्रणब मुखर्जी

पूर्व राष्ट्रपति के RSS का निमंत्रण स्वीकार करने से कांग्रेस हैरान

इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने इसे ‘अटपटा’ करार देते हुए पूर्व राष्ट्रपति के इस कदम पर सवाल खड़ा किया था. संदीप ने पूछा, कांग्रेस में रहते हुए प्रणब मुखर्जी हमेशा आरएसएस के विचारों के खिलाफ रहे तो आखिर वह इस संगठन के कार्यक्रम में क्यों शामिल हो रहे हैं.

हालांकि इसे लेकर विवाद बढ़ने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह कहकर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का बचाव किया कि आरएसएस कोई पाकिस्तान का आईएसआई नहीं है. यह देश का और राष्ट्रवादियों का संगठन है.

बता दें कि सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को आरएसएस ने नागपुर में 7 जून को भावी 'प्रचारकों' को राष्ट्रवाद पर व्याख्यान देने का निमंत्रण दिया था जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है.

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