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चारा घोटालाः शनिवार को आएगा दुमका कोषागार मामले में फैसला

लालू यादव और जगन्नाथ मिश्र तथा अन्य पहले से ही चारा घोटाला के तीन मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं

Bhasha Updated On: Mar 16, 2018 04:50 PM IST

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चारा घोटालाः शनिवार को आएगा दुमका कोषागार मामले में फैसला

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 31 लोगों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में शनिवार को फैसला सुनाएगी.

लालू यादव और जगन्नाथ मिश्र तथा अन्य पहले से ही चारा घोटाला के तीन मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.

इसके साथ ही अदालत तीन और लोगों के खिलाफ समन जारी करने का निर्देश दिया है. इसमें बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक के अलावा महालेखाकार कार्यालय के तीन अधिकारी शामिल हैं. इस संबंध में लालू प्रसाद की ओर से याचिका दायर की गई थी.

अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत लालू ने इन तीनों को भी नोटिस जारी कर इस मामले में सह अभियुक्त बनाने का अनुरोध किया था. अदालत ने संबद्ध तीनों अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए समन जारी किए हैं. चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में तीन करोड़, तेरह लाख रुपए का गबन हुआ था.

तत्कालीन महालेखाकार और अन्य अधिकारी भी आए लपेटे में 

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह ने शुक्रवार को कहा कि दुमका कोषागार से गबन मामले में कल फैसला सुनाया जाएगा. इससे पहले अदालत ने इस मामले में फैसला दोपहर दो बजे तक के लिए टाल दिया था.

लालू प्रसाद ने अपने वकील के माध्यम से पूछा था कि अगर इतना बड़ा घोटाला बिहार में हुआ तो उस दौरान 1991 से 1995 के बीच बिहार के महालेखाकार कार्यालय के अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? यह याचिका बुधवार को ही दायर की गई थी.

इससे पहले इसी वर्ष 24 जनवरी को लालू प्रसाद एवं जगन्नाथ मिश्र को सीबीआई की विशेष अदालत ने चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपए का गबन करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में दोषी करार दिया था.

इसमें पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं क्रमशः दस लाख एवं पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी. सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा मामले में कुल 50 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी.

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