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बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर, घर खरीदने वालों को बड़ी राहत

प्रधानमंत्री आवास योजना में 15 हजार करोड़ से बढ़ाकर 23 हजार करोड़ रकम का आवंटन किया गया है

Manish Kumar Manish Kumar Updated On: Feb 01, 2017 06:57 PM IST

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बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर, घर खरीदने वालों को बड़ी राहत

घर खरीदने वालों को आम बजट में बड़ी राहत मिली है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 का बजट बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर अधिक केंद्रित है.

जेटली ने कहा कि 'बजट तैयार करते समय मेरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों, बुनियादी ढांचे और गरीबी उन्मूलन पर अधिक व्यय करने पर है'.

सरकार ने प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स घटाया गया है. कैपिटल गेन टैक्स की सीमा भी 3 साल से 2 साल कर दी गई है.

घरों के लिए कार्पेट एरिया ज्यादा होगा और अब से बिल्ट अप एरिया को कारपेट एरिया माना जाएगा. जिससे घर खरीदने वालों को पहले वाली कीमत में ज्यादा वर्गफुट जगह अपने खरीदे गए फ्लैट में मिल पाएगी.

इस बार के बजट का रियल एस्टेट सेक्टर पर सकारात्मक असर पडेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 23 हजार करोड़ का आवंटन किये है. पहले ये राशि 15 हजार करोड़ रुपये थी.

सस्ते घरों को आधारिक संरचना का दर्जा दिया गया है. इससे गरीब जनता के लिए सस्ते घरों की आपूर्ति तेजी से बढ़ेगी. सरकार ने साल 2022 तक गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को आवास देने का टारगेट रखा है.

सस्ते घरों की स्कीम जारी रहेगी और राष्ट्रीय आवास फंड के लिए ज्यादा पैसा जारी किया जाएगा जिससे लोगों को अफोर्डेबल हाउस मिल पाएंगे. 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज राष्ट्रीय आवास योजना के तहत दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री सड़क योजना में 2019 तक 4 लाख करोड़ खर्च करेंगे. प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत 2019 तक एक करोड़ घर दिए जाएंगे.

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने मिडिल इनकम वर्ग (एमआईजी)  के लिये नई क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना को मंजूरी दी.

बजट में हाइवे के लिए 64 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

जेटली ने कहा कि अगले साल 1 मई तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी. बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 3.96 लाख करोड़ का आवंटन होगा.

छोटे शहरोे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत एयरपोर्ट बनाए जाएंगे.

इसके अलावा, बजट में उन्होंने झारखंड और गुजरात में एम्स अस्पताल बनाने की भी घोषणा की.

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