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तो क्या 'माछ भात' पर महागठबंधन के बीच होगा सीटों का बंटवारा...

मुकेश निषाद ने 'माछ भात खाएंगे और महागाठबंधन को जीताएंगे' का नारा देते हुए 600 मेहमानों के लिए लगभग 200 किलोग्राम मछली का ऑर्डर भी दे दिया है

Updated On: Jan 06, 2019 10:08 PM IST

FP Staff

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तो क्या 'माछ भात' पर महागठबंधन के बीच होगा सीटों का बंटवारा...

महागठबंधन बिहार में 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे के लिए चर्चा शुरू करने के लिए तैयार है. सभी दलों के प्रमुख नेताओं की सोमवार को मिलने की उम्मीद है. जहां वह दोपहर को माछ भात का लुत्फ उठाने का बाद सीटों के बंटवारे पर चर्चा करेंगे.

उनके मेजबान मुकेश निषाद, जिन्होंने 'माछ भात खाएंगे और महागाठबंधन को जीताएंगे' का नारा देते हुए 600 मेहमानों के लिए लगभग 200 किलोग्राम मछली का ऑर्डर भी दे दिया है. इस भोज में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में तेजस्वी यादव, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मदन मोहन झा जैसे कांग्रेसी नेताओं के नाम हैं.

आसान नहीं होगा सीटों का बंटवारा

एनडीए ने बहुत संघर्ष और आखिरकार उपेंद्र कुशवाहा के वॉकआउट के बाद सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया है. हालांकि इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी और बीजेपी के हिस्से 17-17 सीटें आई हैं. रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को छह सीटें मिल सकती हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महागठबंधन के लिए सीटों का बंटवारा इतना आसान नहीं होगा. छह-पक्षीय समूह का लगातार विस्तार हो रहा है और उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी के साथ शुरुआत में, सभी दलों को बंटवारे में ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद होगी.

हालांकि इतना तो तय माना जा रहा है कि महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें लालू यादव की पार्टी आरजेडी के हिस्से में जाएंगी. साल 2014 के आम चुनावों में बुरे प्रदर्शन के ठीक एक साल बाद 2015 में हुए विधानसभा चुनावों में आरजेडी ने 243 सीटों में से 80 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

एनडीए छोड़ कई नेता थाम चुके हैं महागठबंधन का दामन

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक कुशवाहा ने भी हाल ही में एनडीए द्वारा महज दो सीटें दिए जाने के बाद गठबंधन छोड़ दिया और महागठबंधन का दामन थाम लिया. कुशवाहा कि पार्टी ने 2014 के चुनावों में दो सीटों पर ही जीत हासिल की थी.

मुकेश निषाद, जो 2014 के चुनावों में बीजेपी के साथ थे और यहां तक कि बीजेपी प्रमुख अमित शाह के साथ संयुक्त रैलियां भी की थीं, पिछले साल एनडीए छोड़ महागठबंधन में शामिल हुए हैं. शरद यादव ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मतभेदों के बाद जनता दल यूनाइटेड का साथ छोड़ दिया था. उनके भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है.

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