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महबूबा सरकार को बर्खास्त कर J&K में लगे राज्यपाल शासन: फारूक अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी राज्यपाल शासन को बढ़ावा देने वाली नहीं रही है, लेकिन राज्य में बढ़ती अशांति पर काबू पाने का यही एकमात्र रास्ता लगता है

Updated On: May 22, 2018 04:12 PM IST

Bhasha

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महबूबा सरकार को बर्खास्त कर J&K में लगे राज्यपाल शासन: फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू भूमि विवाद में बीजेपी नेताओं की कथित तौर पर संलिप्तता को लेकर महबूबा मुफ्ती सरकार की खामोशी पर सवाल उठाया है. अब्दुल्ला ने राज्य सरकार को बर्खास्त कर फौरन राज्यपाल शासन लगाने की मांग की है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक और सांसद अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी राज्यपाल शासन को बढ़ावा देने वाली नहीं रही है, लेकिन राज्य में बढ़ती अशांति पर काबू पाने का यही एकमात्र रास्ता लगता है. उन्होंने कहा कि पीडीपी-बीजेपी सरकार में जम्मू-कश्मीर तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहा है.

अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा, ‘हमें लगता है कि राज्यपाल के लिए यही सही वक्त है कि वह शासन अपने हाथ में ले लें. विधानसभा को निलंबित कर दिया जाए और राज्य के लोगों को लोकतंत्र के फल का आनंद लेने दें.’

उन्होंने पूर्व उप-मुख्यमंत्री निर्मल सिंह और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता समेत शीर्ष बीजेपी नेताओं द्वारा जम्मू के नगरोटा में सेना के गोला-बारूद डिपो के नजदीक एक कंपनी के मार्फत जमीन खरीदने को लेकर हुए विवाद का हवाला दिया.

अब्दुल्ला ने कहा, ‘राज्य सरकार इस पर चुप क्यों है?’

Srinagar: National Conference president Farooq Abdullah interacts with press after winning the bypoll from Srinagar parliamentary seat, in Srinagar on Saturday. PTI Photo by S Irfan(PTI4_15_2017_000087B)

फारूक अब्दुल्ला

निर्मल सिंह ने 2 हजार वर्ग मीटर के प्लॉट पर मकान का निर्माण करना शुरू कर दिया है, जिसके बाद जम्मू स्थित 16वीं कोर के कमांडर ले जनरल सरणजीत सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया. यह प्लॉट 2014 में खरीदी गई 12 एकड़ भूमि का हिस्सा है.

अब्दुल्ला के मुताबिक, राज्य के तीनों क्षेत्र ठगा महसूस कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि कोई शासन नहीं है और कुछ भी आगे बढ़ता नहीं लगता है.

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हाल में आपने देखा होगा कि कैसे एक पूर्व उप-मुख्यमंत्री और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष कई भूमि सौदों और अन्य गतिविधियों में शामिल रहे हैं जो गैर कानूनी हैं. इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है और सेना के अलावा कोई नहीं बोल रहा है.’

निर्मल सिंह पूर्व उप-मुख्यमंत्री हैं जबकि गुप्ता विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हैं. दोनों ने आरोपों को खारिज करते हुए कुछ भी गलत करने से इनकार किया है.

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