विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

दिल्ली में किसान संगठनों का ऐलान, 16 जून को देश भर में करेंगे चक्का जाम

दिल्ली में 62 किसान संगठन के नेताओं ने एक साथ मीटिंग कर आगे अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने का फैसला किया है

Amitesh Amitesh Updated On: Jun 10, 2017 06:12 PM IST

0
दिल्ली में किसान संगठनों का ऐलान, 16 जून को देश भर में करेंगे चक्का जाम

मंदसौर की घटना की आग अब पूरे देश में फैलती चली जा रही है. मंदसौर से शुरू हुई सियासत और आंदोलन की आग भोपाल के रास्ते अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. किसान और किसान संगठन इस वक्त आग बबूला हैं और उनके निशाने पर हैं मध्यप्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार.

दिल्ली में 62 किसान संगठन के नेताओं ने एक साथ मीटिंग कर आगे अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने का फैसला किया है. दिल्ली में गांधी पीस फाउंडेशन में इन किसान संगठनों की बैठक में यह तय किया गया है कि मंदसौर में किसानों पर चली गोली और किसानों की मौत के विरोध में अगले 16 जून को पूरे देश के नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा. इस दिन 12 से 3 बजे के बीच किसान नेशनल हाईवे पर  गाड़ियों की आवाजाही को तीन घंटे के लिए पूरी तरह से ठप कर देंगे.

अहिंसक होगा आंदोलन 

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्का जी की अगुआई में हुई इस बैठक में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत समेत कई देश के अलग-अलग राज्यों के कई किसान नेता शामिल हुए. इस बैठक में बीजेपी सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगया गया और कहा गया कि सरकार बनने के बाद बीजेपी किसानों से किए गए अपने वादे से अब मुकर रही है.

mandsaur

गौरतलब है कि बीजेपी ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद किसानों को कृषि की लागत का 50 फीसदी लाभकारी मूल्य दिया जाएगा लेकिन, सत्ता में आने के बाद उस वादे के अनुपात में लाभ नहीं मिल रहा है.

इस बैठक में सभी किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव भी पास किया. लेकिन, यह साफ किया गया कि किसान आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक होगा.

शिवराज सरकार को बर्खास्त करने की मांग 

कक्का जी पहले से ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ हमलावर रहे हैं और अब उनकी अगुआई में हुई किसानों की बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को हटाने और वहां की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई है.

शिवराज सिंह चौहान भले ही उपवास कर शांति बहाल की कोशिश कर रहे हैं लेकिन, किसानों के रूख से साफ है कि वो शिवराज को फिलहाल बख्शने के मूड में नहीं हैं. बैठक में यह तय किया गया है कि शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ केस दर्ज करने की भी मांग की जाएगी. किसान संगठन मंदसौर की घटना और किसानों पर हुए जुल्म के खिलाफ मानवाधिकार आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने की तैयारी में हैं.

यह भी पढ़ें: मंदसौर की हिंसा संदेह पैदा करती है: वीरेंद्र सिंह मस्त

फिलहाल ऐसा लग रहा है कि किसान शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी सरकार को बख्शने के मूड में नहीं हैं और कल से यह आंदोलन पूरे देश में और जोर पकड़ने वाला है.

किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि अगर कृषि लागत की 50 फीसदी तक उन्हें फसल का लाभ नहीं दिया गया और उन्हें ऋण से मुक्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ये आंदोलन और भी जोर पकड़ेगा. अगले 19 जून को एक बार फिर से सभी किसान संगठन दिल्ली में बैठेंगे जिसमें आगे की रणनीति तय करेंगे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi